विक्की कुमार | अमृतसर पंजाब सरकार की ओर से ईजी-रजिस्ट्री लॉन्च किए जाने के बाद फर्जी रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने को कदम उठाया है। अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाने के लिए आधार ओटीपी अनिवार्य कर दिया गया है। बिना आधार से लिंक मोबाइल नंबर के न तो रजिस्ट्री की अप्वाइंटमेंट मिलेगी और न ही रजिस्ट्री का प्रिंट आउट जारी किया जाएगा। सरकार की ओर से तहसीलों में ई-केवाईसी प्रक्रिया पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू कर दी गई है। मंगलवार को तहसील-1, 2, 3 में इस नई व्यवस्था को ट्रायल बेस पर लागू किया गया। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। रजिस्ट्री करवाने वाले आवेदक को अप्वाइंटमेंट लेनी होगी, लेकिन अप्वाइंटमेंट तभी कन्फर्म होगी जब आवेदक के आधार से लिंक नंबर पर ओटीपी आएगा। यदि किसी का आधार मोबाइल नंबर से लिंक नहीं है, तो उसकी अपॉइंटमेंट बुक ही नहीं हो पाएगी। खरीदार और विक्रेता ही नहीं, बल्कि रजिस्ट्री के समय मौजूद रहने वाले दोनों गवाहों के लिए भी आधार ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। यानी अब जमीन की रजिस्ट्री के दौरान कुल चार लोगों खरीदार, विक्रेता और दो गवाह का आधार ईकेवाईसी जरूरी होगा। सभी के आधार नंबर सिस्टम में वेरिफाई किए जाएंगे, ताकि किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा न हो सके। इसके अलावा रजिस्ट्री पूरी होने के बाद जब उसका प्रिंट आउट निकाला जाएगा, तब भी आधार से मिलान किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इस प्रक्रिया में आधार कार्ड के पिछले हिस्से का भी पूरा मिलान किया जाएगा, जिससे नाम, पता और अन्य विवरणों में किसी भी तरह की गड़बड़ी पकड़ी जा सके। बिना सफल आधार ओटीपी के रजिस्ट्री का प्रिंट जारी नहीं किया जाएगा।


