प्रीत नगर में आर्मी डंप वाली जगह पर 2 साल पहले दुकानों पर चला ​था बुलडोजर अब फिर बनीं

शुभेंद्रु शुक्ला | अमृतसर शहर में शिकायतों के बावजूद अवैध कब्जों पर कार्रवाई सिर्फ लैटरबाजी और डिमोलिशन के आदेशों तक सिमटकर रह गई है। नगर निगम, पुडा और जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण भू-माफिया अब शामलात और लीज वाली जमीनों के साथ-साथ आर्मी के दायरे में आने वाली जगह पर भी अवैध निर्माण कर रहे हैं। पुडा के टाउन प्लानर ने 5 माह पहले 8 मई को अवैध निर्माण का हवाला देते हुए काम बंद न करने पर कानूनी कार्रवाई का नोटिस जारी किया था। पुडा की रिपोर्ट के अनुसार गांव हेर में अमृतसर-अजनाला एनएच पर कॉमर्शियल निर्माण हो रहा है। मास्टर प्लान और द पंजाब रिजनल टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट-1995 की धारा 80, 81 और 143 का उल्लंघना किया जा रहा है समाजसेवी ने सीएम, डीसी, सीपी से लेकर पुड्डा चीफ, पीएसपीसीएल चीफ, टाउन प्लानर व अन्य अफसरों को शिकायत भेजी मगर एफआईआर तो दूर निर्माण तक नहीं रुकवाया जा सका। अब दो मंजिला बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है। वहीं तरनतारन रोड में चब्बा स्थित सरकारी स्कूल के पास 7000 वर्गगज शामलात जगह पर कब्जा करने की कोशिश की गई। मामले में पंचायती राज विभाग की तरफ से काम रुकवाकर खानापूर्ति कर ली गई। प्रीत नगर में मोहकमपुरा-बटाला रोड में आर्मी के डंप वाली जगह पर अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर 16 सितंबर 2023 को निगम के तत्कालीन एमटीपी और एटीपी ने यहां बनी दुकानों पर बुलडोजर चलाते हुए डिमोलिशन कराया था लेकिन अब यहां फिर दुकानें बन चुकी हैं। चाटीविंड में ज्ञान आश्रम स्कूल के पास निगम की 2400 वर्गगज जमीन लीज पर दी गई थी लेकिन यहां अवैध कब्जा करने के लिए करीब 5 फीट ऊंची और 90 फीट लंबी बाउंड्रीवॉल करा ली गई। बीते नवंबर माह में मेयर ने डिमोलिशन के निर्देश थे लेकिन निगम की टीम कुछ ईंटें गिराकर लौट आईं। अब भी बाउंड्रीवॉल खड़ी है। रणजीत एवेन्यू में दशहरा ग्राउंड के पास नियम विपरीत बन रहे अवैध मल्टीप्लेक्स का काम रोकने में जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम पूरी तरह विफल रहे। यह निर्माण ओल्ड कैंटोनमेंट बोर्ड आर्मी हैडक्वार्ट के 100 मीटर के दायरे में हो रहा है। आर्मी की ओर से 8 महीने में 13 बार प्रशासन को लैटर लिखा मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीसी-सीपी को 5 बार, निगम कमिश्नर को 2, पुडा को 3 और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट व एसीपी नॉर्थ को 1-1 बार पत्र लिखकर निर्माण रोकने की गुहार लगाई गई। यहां तक की चीफ सेक्रेटरी को भी लैटर लिखा गया मगर फिर भी कुछ नहीं हुआ।

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