भास्कर न्यूज | लुधियाना श्री राम शरणम्, श्री राम पार्क में आयोजित 71वें राम नाम अखंड जप महायज्ञ में श्रद्धा और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान संत अश्वनी बेदी महाराज ने कहा कि स्वामी सत्यानंद सरस्वती की तरफ से रचित अमृतवाणी मात्र एक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की दिव्य कला है। संत बेदी ने भक्ति और कर्म के संगम पर जोर देते हुए कहा कि वास्तविक भक्ति वही है जिसमें साधक अपने सांसारिक कर्तव्यों का पालन करते हुए भी प्रभु से जुड़ा रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान राम का स्मरण करते हुए किए गए परोपकारी कार्य ही सच्ची पूजा हैं। अमृतवाणी की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा “राम-राम भज कर श्री राम करिए नित्य ही उत्तम काम।” अपने प्रवचन में उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्चा सुख भौतिक संसाधनों या महलों में नहीं, बल्कि मन की शांति में निहित है। उन्होंने कहा कि सांसारिक सुख क्षणिक हैं। जबकि ईश्वर की शरणागति से प्राप्त आनंद शाश्वत है। जब मनुष्य अहंकार त्यागकर सत्य के मार्ग पर चलता है तो ईश्वर स्वयं उसका मार्गदर्शक बन जाता है। इस आध्यात्मिक उत्सव में टीटू पायलट, सुषमा पायलट, पार्षद अनिल, अमेरिका से आईं रेखा भारद्वाज, सुदर्शन जैन और अजय बंसल व दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने अमृतमयी वाणी का श्रवण किया। महायज्ञ के प्रभाव से पूरा वातावरण राम-नाम की ध्वनि से गुंजायमान रहा।


