बरमकेला | केंद्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली में 8 से 19 दिसंबर तक एक राष्ट्रीय स्तरीय सांस्कृतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और झारखंड सहित 6 राज्यों के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के संकाय सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप भारतीय लोक संस्कृति, कला और परंपराओं को शिक्षा से जोड़ना रहा। छत्तीसगढ़ से 6 जिलों के डाइट संकाय सदस्यों को आमंत्रित किया गया था। इनमें डाइट धर्मजयगढ़ के व्याख्याता संतोष पटेल ने सक्रिय सहभागिता निभाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य और सामाजिक जीवन की झलक प्रस्तुत कर देशभर से आए शिक्षाविदों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम के दौरान नृत्य, संगीत, अभिनय, चित्रकला और शिल्प कला जैसी विविध सांस्कृतिक विधाओं पर प्रस्तुतियां दी गईं। छत्तीसगढ़ डाइट टीम द्वारा करमा, सुआ, पंथी और राउत नाचा के प्रदर्शन को विशेष सराहना मिली। शिक्षाविदों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से शिक्षा अधिक रोचक बनती है और विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ते हैं।


