भास्कर न्यूज | राजिम राजिम स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के विद्यार्थियों का ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव, आरएडब्ल्यूई कार्यक्रम चल रहा है। इसी क्रम में विद्यार्थियों का संस्थान संलग्नीकरण किया गया है। आरएडब्ल्यूई के विद्यार्थी आगामी 14 दिनों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, महासमुंद में रहेंगे। इसका उद्घाटन कृषि विज्ञान केंद्र महासमुंद के वरिष्ठ वैज्ञानिक और केंद्र प्रमुख डॉ. आरएल शर्मा ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यवहारिक कृषि से जोड़ते हैं और सीख को मजबूत बनाते हैं। संलग्नीकरण अवधि में विद्यार्थियों को कृषि विज्ञान केंद्र की कार्यप्रणाली की जानकारी दी जाएगी। विषयवस्तु विशेषज्ञ डॉ. कुणाल चंद्राकर मार्गदर्शन करेंगे। विद्यार्थियों को विस्तार गतिविधियों, किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रदर्शन इकाइयों को समझने का मौका मिलेगा। खेत स्तर पर होने वाले परीक्षणों की प्रक्रिया भी बताई जाएगी। अनुसंधान और विस्तार के समन्वय की जानकारी भी साझा होगी। इस दौरान विद्यार्थियों को फसल उत्पादन से जुड़ा व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। उद्यानिकी और पशुपालन के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। सहायक कृषि उद्यमों पर भी फोकस रहेगा। यह संलग्नीकरण विद्यार्थियों के लिए उपयोगी माना जा रहा है। इससे कक्षा में पढ़े गए सैद्धांतिक विषयों को जमीन पर देखने और समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम से विद्यार्थियों की व्यावहारिक दक्षता बढ़ेगी। समस्या समाधान की क्षमता विकसित होगी। कृषि विस्तार के प्रति सकारात्मक सोच बनेगी। इस संस्थान संलग्नीकरण कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम समन्वयक लेखराम वर्मा और सह समन्वयक डॉ. अविनाश कुमार गौतम ने किया।


