ग्राम पंचायत परसोरा की महिला सरपंच के जेठ और पंचायत सचिव पर मिलकर करीब दो करोड़ रुपए की गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। यह शिकायत पंचायत के एक पंच ने कलेक्टर की जनसुनवाई में की। इसके अलावा दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रही बच्ची के इलाज, प्लॉट हड़पने, एमबीबीएस एडमिशन में ठगी और बुजुर्ग महिला को घर से निकालने की धमकी जैसे मामलों को लेकर कुल 131 शिकायतें सामने आईं। ग्राम पंचायत परसोरा के गांव हिनोतिया जागरी निवासी दीपसिंह विश्वकर्मा ने बताया कि महिला सरपंच राखी मनोहर गिरी गोस्वामी की आईडी का उपयोग उनके जेठ मुकेश गोस्वामी कर रहे हैं। उन्होंने पंचायत की सील और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर सचिव के साथ मिलकर जून 2022 से मनरेगा के पुराने कार्यों का दोबारा प्रतिवेदन बनवाया। आरोप है कि करीब 30 कार्यों में फर्जी मजदूरी और बिलों के जरिए लगभग दो करोड़ रुपए की गड़बड़ी की गई। कलेक्टर ने मामले की जांच जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी को सौंपी है। तीन लाख रुपए वापस नहीं किए
गुलमोहर अपार्टमेंट निवासी रेणु सोभानी ने रिलायबल हाउसिंग सोसाइटी पर प्लॉट हड़पने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में उन्हें प्लॉट आवंटित हुआ था, लेकिन बाद में उनकी सदस्यता रद्द कर प्लॉट किसी और को दे दिया गया। मामले की जांच उपायुक्त सहकारिता को सौंपी गई है। कोलार निवासी अंजुम खान ने एमबीबीएस एडमिशन के नाम पर काउंसलर द्वारा तीन लाख रुपए वापस न करने की शिकायत की। वहीं करोंद क्षेत्र की 71 वर्षीय फूलबाई ने आरोप लगाया कि उनके बेटे और बहुएं उन्हें घर से निकालने की धमकी दे रहे हैं, जबकि मकान उनके नाम पर है। उन्होंने सुरक्षित जीवन और भरण-पोषण की मांग की है।


