धौलपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) ज्योति सिंह मीणा, विशिष्ट न्यायाधीश एससी/एसटी नम्रता पारीक और प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से रैन बसेरे का निरीक्षण किया। इस दौरान रैन बसेरे में कई खामियां पाई गईं, जिन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान रैन बसेरे का इंचार्ज अनुपस्थित मिला। कमरों में रखे रजाई, गद्दे और कंबल गंदे पाए गए। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कमरों का कोई रिकॉर्ड नहीं था, और रजिस्टरों में भी सही ढंग से एंट्री नहीं की गई थी। एक व्यक्ति कमरे में मिला, जिसका रजिस्टर में कोई इंद्राज नहीं था। प्रभारी को दिए दिशा-निर्देश
ज्योति सिंह मीणा ने सर्दी से बचाव हेतु मूलभूत सुविधाओं जैसे कंबल, रजाई, गद्दे, स्वच्छ पेयजल और पुरुषों व महिलाओं के लिए अलग-अलग ठहरने की व्यवस्था के साथ शौचालयों की साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने आश्रय स्थल के प्रभारी को निर्देश दिए कि रजिस्टर में ठहरने वाले व्यक्तियों के हस्ताक्षर, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं। खाने की गुणवत्ता भी जांची
अधिकारियों ने रसोईघर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान एक व्यक्ति भोजन कर रहा था, जिसने खाने की गुणवत्ता को ठीक बताया। हालांकि, इंचार्ज से प्रतिदिन उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की संख्या के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सभी न्यायिक अधिकारियों ने खाने की गुणवत्ता और रसोईघर में उपलब्ध सामग्री की जांच की।
सचिव ज्योति सिंह मीणा ने उपस्थित लोगों को बताया कि राज्य सरकार द्वारा सर्दी से बचाव के लिए आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं। कोई भी जरूरतमंद, बेसहारा या असहाय व्यक्ति इन आश्रय स्थलों में निःशुल्क रात्रि विश्राम कर सकता है और सर्दी से अपना बचाव कर सकता है। इन आश्रय स्थलों में रुकने के लिए किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।


