वाराणसी पुलिस ने सोमवार को सिर्फ 4 मिनट में पहुंचकर महिला को सुसाइड करने से रोक लिया। जेठानी से झगड़े के बाद देवरानी फंदा बनाकर उस पर लटक गई। जेठ ने लटकते देख पुलिस को फोन कर दिया। डायल-112 की टीम पहाड़िया पर खड़ी थी। कॉल आते ही 4 मिनट में घर पहुंच गई। पुलिसकर्मी ने दरवाजा तोड़कर महिला को उठा लिया। दूसरे सिपाही ने उसका फंदा निकाला और महिला को बेड पर लिटाया। महिला बेहोश हो गई थी। पीआरवी के सिपाही ने तत्काल महिला को सीपीआर दिया। उसे हाथ-पैरों रगड़ा तो चंद मिनट में उसे होश आ गया। आनन फानन में महिला को अस्पताल ले जाया गया। पहले 3 तस्वीरें… जेठानी ने कहा था- कहीं और जाकर रहो
लालपुर पांडेपुर के जेडी नगर कॉलोनी में रहने वाले रणवीर भट्टाचार्य डाक विभाग में कर्मचारी हैं। पत्नी रूपा भट्टाचार्य और एक बेटे के साथ पैतृक मकान में रहते हैं। इस मकान में उनके बड़े भाई आदर्श भट्टाचार्य भी पत्नी सुलेखा के साथ रहते हैं। सोमवार को रणवीर ऑफिस गए थे। रूपा और जेठानी सुलेखा का पानी को लेकर झगड़ा हो गया। इसके बाद पारिवारिक मसलों के बीच झगड़ा बढ़ गया। सुलेखा ने उसे कहीं और जाकर रहने को कह दिया। झगड़े के बाद रूपा अपने कमरे में गई। दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद दुपट्टे का फंदा बनाया और कुंडे में फंसाकर लटक गई। महिला लटककर छटपटा रही थी
यह देखकर महिला के जेठ आदर्श भट्टाचार्य ने पुलिस को फोन किया। सबसे करीब पीआरवी-0599 का लोकेशन मिली। जिसे मौके पर भेजा गया। टीम में शामिल सिपाही रवि कुमार और आरक्षी अमरजीत गोंड समेत चालक नीरज कुमार आनन फानन में रूपा के घर पहुंचे। रूपा कमरे के अंदर फंदे पर लटकी थी। वह छटपटाते हुए लंबी सांसें ले रही थी। इसी बीच रवि कुमार ने दरवाजा तोड़ा और अंदर घुसते ही उसके पैर को पकड़कर उठा दिया। फंदे की पकड़ कमजोर हुई, तो अमरजीत ने फंदे से गले को निकाला। परिवार को लगा, महिला मर चुकी है
परिवार वालों को लगा कि महिला मर चुकी है। सिपाही रवि ने देखा तो महिला में जान थी, बस धड़कनें धीमी थीं। उसने तत्काल महिला को सीपीआर देना शुरू किया और दूसरे सिपाही ने हाथ-पैर की मालिश की। अचानक झटके के बाद महिला को चेतना लौट आई। उसने पलकें झपकाई, तो सभी को राहत मिली। महिला को सिपाही अस्पताल लेकर आए, जहां उसे उपचार के बाद घर भेज दिया गया। महिला ने सिपाहियों को उसे बचाने के लिए आभार जताया। 12 बजकर 50 मिनट पुलिस को कॉल की
पुलिस को दोपहर 12.50 बजे सूचना मिली। पूरी टीम दौड़कर 12.54 बजे महिला के घर पहुंच गई। 12.55 पर महिला को उतारकर सीपीआर दी गई। इसके बाद 12.57 पर उसे होश आ गया। डीसीपी वरुणा जोन चंद्रकांत मीना ने बताया कि सिपाहियों ने सराहनीय काम किया है। महिला की जान बचाकर मिसाल पेश की है। डायल 112 की टीम के बेहतर रिस्पांस पर उन्हें इनाम और प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया जाएगा। —————————– ये खबर भी पढ़ें:- ACP मोहसिन कानपुर IIT से नहीं कर सकेंगे PhD: यौन उत्पीड़न के आरोपों पर NOC कैंसिल कानपुर IIT की छात्रा के यौन शोषण के आरोपी ACP मोहसिन अब IIT से PhD नहीं कर सकेंगे। यूपी पुलिस की ओर से उन्हें दी गई NOC कैंसिल कर दी गई है। IIT प्रशासन ने इसकी पुष्टि की। छात्रा ने कहा- मेरी जिंदगी खतरे में है। मोहसिन अपने पावर से डरा रहा है। ACP और उनके वकील मेरे खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। मेरी अपील है कि दोनों के खिलाफ कार्रवाई हो। पढ़ें पूरी खबर…


