डिंडौरी जिले के अमरपुर विकासखंड के शासकीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्कूलों में शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते, जिससे बच्चों को खुद ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस लापरवाही का असर सीधे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। स्कूल में बच्चे खुद पढ़ाते दिखे बुधवार को अमरपुर विकासखंड की बटिया प्राथमिक शाला में सुबह करीब 11 बजे स्कूल परिसर में 15 बच्चे मौजूद थे, जो धूप में बैठकर आपस में पढ़ाई कर रहे थे। उस समय स्कूल में कोई शिक्षक उपस्थित नहीं था। इस स्कूल में हेडमास्टर पी. मरावी और अतिथि शिक्षक राजेश ठाकुर पदस्थ हैं। ग्रामीण बोले- कई बार बच्चे ही स्कूल खोलते हैं स्कूल पांचवीं कक्षा के छात्र मयंक धुर्वे ने बताया कि शिक्षक रोजाना 11 बजे के बाद ही स्कूल आते हैं। कई बार बच्चे ही स्कूल खोलते हैं, प्रार्थना कराते हैं और पढ़ाई शुरू करते हैं। ग्रामीण महिला देवकी बाई ने भी आरोप लगाया कि शिक्षकों की देरी की शिकायत कई बार की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिक्षक बोले- पास के गांव से आने में देर हुई देर से पहुंचे अतिथि शिक्षक राजेश ठाकुर ने बताया कि वे पास के गांव से आते हैं और आज साथी की वजह से देर हो गई। उन्होंने दावा किया कि वे रोज समय पर स्कूल आते हैं और अन्य शिक्षक भी आ रहे होंगे। अधिकारी बोले- जांच कराई जाएगी इस मामले में सर्व शिक्षा अभियान की समन्वयक श्वेता अग्रवाल ने कहा कि शिकायत गंभीर है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए बीआरसी को निर्देश दिए जा रहे हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। जनपद उपाध्यक्ष ने उठाए मुद्दे जनपद पंचायत उपाध्यक्ष शाहीन परवीन ने कहा कि क्षेत्र से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचते और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता भी खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीईओ और बीआरसी शिक्षा समिति की बैठकें तक आयोजित नहीं करवा रहे हैं। यदि हालात नहीं सुधरे तो वे जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की शिकायत करेंगी। बच्चों की शिक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


