ग्वालियर के वन क्षेत्र लखनपुरा-तिलावली से अब एक चीता मुरैना के जंगलों में विचरण कर रहा है। सर्दी बढ़ने और रात में घना कोहरा छाने के कारण वन विभाग के कर्मचारियों को चीते की निगरानी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से चीते की गतिविधियों पर नजर रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसे देखते हुए कूनो और वन विभाग की टीम ने सतर्कता बढ़ा दी है। आसपास के गांवों के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है और विभाग की टीम लगातार जंगल में गश्त कर रही है। कूनो की टीम इस समय ट्रैकर डिवाइस के जरिए से चीते पर नजर रख रही है। हर तीन से चार घंटे में चीते की तस्वीरें लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही हैं। यदि चीता अपनी निर्धारित सीमा से बाहर जाता है, तो तुरंत कूनो के अधिकारियों को सूचित किया जाता है। अक्सर देखा जाता है कि चीता अपने शिकार के लिए सुबह जल्दी निकलता है। चार दिन पहले शनिवार को इस क्षेत्र में चीते ने एक बकरी का शिकार किया था। इसके बाद रविवार शाम तक चीता इधर-उधर घूमता और आराम करता देखा गया। अब उसकी मूवमेंट ग्वालियर-मुरैना सीमा के जंगलों में देखी जा रही है और टीम लगातार उसका पीछा करते हुए उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है।


