छिंदवाड़ा में मौत बनकर लटक रहे अवैध होर्डिंग:न पॉलिसी है, न सुरक्षा के इंतजाम; चौराहों पर कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

छिंदवाड़ा शहर को अवैध होर्डिंग्स से मुक्त कराने के लिए नगर निगम अब तक कोई ठोस और कठोर नीति नहीं बना पाया है। इसका नतीजा यह है कि शहर की सड़कों और इमारतों की छतों पर लोहे के भारी-भरकम ढांचे खड़े हैं। इन पर कभी भी कोई फ्लेक्स लगा देता है। इससे न सिर्फ शहर की सुंदरता बिगड़ रही है, बल्कि आम लोगों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है। हालात यह हैं कि शहर के मुख्य चौराहों और डिवाइडर्स पर बिना अनुमति के लोहे के एंगल खड़े कर दिए गए हैं, जो तेज हवा या आंधी में कभी भी गिर सकते हैं। निगम की सुस्ती के कारण राहगीरों की जान सांसत में है। हवा-आंधी में गिरने का डर, मानकों का पालन नहीं इन लोहे के ढांचों को खड़ा करने में किसी भी तरह के सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया है। नागपुर रोड, शिवाजी चौक, सत्कार तिराहा, परिवेश वस्त्रालय के सामने और खजरी रोड जैसे बेहद व्यस्त इलाकों में ये ढांचे बेतरतीब ढंग से लगे हुए हैं। यहां दिनभर हजारों वाहनों और लोगों की आवाजाही रहती है। जरा सी तेज हवा या बारिश में इन भारी-भरकम स्ट्रक्चर्स के गिरने का खतरा बना रहता है। डिवाइडर और चौराहों पर भी लगा दिए, हादसे हो चुके नियमों के मुताबिक चौराहों, तिराहों और डिवाइडर की शुरुआत में होर्डिंग लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है, ताकि वाहन चालकों का विजन क्लियर रहे। लेकिन छिंदवाड़ा में खुलेआम इन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मुख्य मार्गों पर लगे बड़े होर्डिंग्स के कारण कई बार चालकों को सड़क साफ नहीं दिखती, जिससे पहले भी हादसे हो चुके हैं। सिग्नल पर खड़े लोगों के सिर पर ये ढांचे हमेशा खतरा बने रहते हैं। कमिश्नर बोले- टीम बना दी है, रिपोर्ट का इंतजार शहर में बढ़ते अवैध होर्डिंग और फ्लेक्स के मामलों पर अब जाकर निगम की नींद टूटी है। निगम कमिश्नर सीपी राय ने बताया कि इस मामले को लेकर एक टीम गठित की गई है। यह टीम पूरे शहर का सर्वे कर जांच रिपोर्ट तैयार करेगी। कमिश्नर का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद अवैध होर्डिंग्स और स्ट्रक्चर्स पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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