चलते ट्रक में लगी भीषण आग, गाड़ी को रोक ड्राइवर-हेल्पर कूदे और बचाई जान

भास्कर न्यूज | कवर्धा/ चिल्फी घाटी रायपुर-जबलपुर नेशनल हाइवे-30 पर चिल्फी घाटी में लोहे के एंगल से भरे ट्रक में अचानक आग लग गई। जलते ट्रक को रोड किनारे रोक कर ड्राइवर-हेल्पर ने कूद कर अपनी जान बचाई। घटना रविवार रात करीब 9 बजे की है। गंभीर बात ये है कि घटनास्थल से करीब 25 किमी दूर नगर पंचायत बोड़ला में फायर ब्रिगेड की गाड़ी खड़ी रही। सूचना देने के बावजूद वाहन आग बुझाने नहीं पहुंचा। इसके चलते आग बुझाने के लिए करीब 46 किलोमीटर दूर कवर्धा से दमकल वाहन घटनास्थल पर पहुंची। कवर्धा से दमकल पहुंचने में करीब पौन घंटे का समय लगा, तब तक पूरे ट्रक में आग फैल चुकी थी। बहरहाल कवर्धा के अग्निशमन विभाग के कर्मचारी सुरेन्द्र धुर्वे, फायरमैन विनीत धावलकर और बीरबल ने ट्रक में लगी भीषण आग को बुझाना शुरू किया। करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाए। तब तक ट्रक पूरी तरह से जल चुका था। गनीमत है कि ट्रक आग की चपेट में आने से पहले ड्राइवर व हेल्पर वहां से दूर जा चुके थे। वरना बड़ा हादसा हो जाता। रात 8.22 बजे बोड़ला सीएमओ को कॉल आया, नहीं था ड्राइवर: ट्रक में आग लगने की सूचना पर चिल्फी से डॉयल 112 की पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई थी। चिल्फी में कोई दमकल वाहन नहीं था। नजदीकी स्टेशन नपं बोड़ला था, जहां 40 लाख रुपए खर्च कर फायर ब्रिगेड की गाड़ी उपलब्ध कराई गई है। रात 8.22 बजे बोड़ला सीएमओ को आग लगने की सूचना देने कॉल गया। लेकिन ड्राइवर नहीं होने के कारण फायर ब्रिगेड वाहन नहीं भेजा गया। नपं पिपरिया, इंदौरी और कई बड़ी पंचायतों में दमकल नहीं कबीरधाम जिले के कवर्धा में 3 और बोड़ला, पंडरिया, सहसपुर लोहारा व पांडातराई में 1-1 फायर ब्रिगेड वाहन उपलब्ध हैं। जबकि नगर पंचायत पिपरिया, इंदौरी और ग्राम पंचायत रेंगाखार, झलमला जैसे कई बड़ी पंचायतों में एक भी दमकल वाहन नहीं है। इसके चलते इन क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं होने पर कवर्धा से ही फायर ब्रिगेड वाहन भेजी जाती है। जिला मुख्यालय से दूरी अधिक होने के कारण दमकल पहुंचने में देरी होना स्वभाविक है। इधर इसकी वजह से परेशानी होती है। चिल्फी थाना प्रभारी उमाशंकर राठौर के मुताबिक ट्रक में रेलवे ट्रैक बिछाने में उपयोग होने वाले लोहे का एंगल भरा था। यह ट्रक रायपुर से जबलपुर जा रहा था। तभी चिल्फी से करीब 6 किलोमीटर दूर ट्रक में अचानक आग लग गई। आग नीचे इंजन से होती हुई टायर और फिर ऊपर केबिन तक पहुंच गई। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते ट्रक को रोड किनारे खड़े किया और हेल्पर के साथ कूदकर जान बचाई। वर्ष 2016-17 के पूर्व तक नगर पालिका ही अग्निशमन विभाग का संचालन कर रहा था। तत्कालीन समय में लोहारा नाका रोड स्थित नगर पालिका के स्वर्ण जयंती परिसर में फायर स्टेशन भी बनाया गया। लेकिन वर्ष 2017 में फायर ब्रिगेड नगर सेना को सौंप दिया गया। लेकिन नगर सेना ने खटारा हो चुकी दमकल गाड़ियों को स्वर्ण जयंती परिसर में रखवा दिए। वहीं स्वर्ण जयंती परिसर में बने फायर स्टेशन में पुआल (पैरा) रखे हुए हैं।

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