झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में एक दुर्लभ फ्रंटल साइनस ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया गया है। न्यूरो सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रामसेवक योगी के नेतृत्व में हुई इस सर्जरी से सत्यनारायण (31) को 20 साल पुराने सिर दर्द से निजात मिली और उनकी बांई आंख की रोशनी भी वापस आ गई। अकलेरा निवासी सत्यनारायण पिछले 20 वर्षों से गंभीर सिर दर्द से पीड़ित था। पिछले एक महीने से उन्हें दर्द के कारण नींद नहीं आ रही थी, और उनकी बाईं आंख अपनी जगह से लगभग 4 सेंटीमीटर नीचे आ गई थी। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में जांच के बाद पता चला कि उनकी आंख के ऊपर फ्रंटल साइनस में एक ट्यूमर था, जो दिमाग और आंख दोनों में फैल चुका था। डॉ. रामसेवक योगी ने बताया कि इस तरह के ऑपरेशन में आंख की रोशनी जाने का सबसे अधिक खतरा होता है। टीम ने आर्बिटल रूफ को हटाने के बाद उसे आर्टिफिशियल बोन (कृत्रिम हड्डी) से बनाने की चुनौती का सामना किया। आमतौर पर इसमें 2 से 2.5 लाख रुपए का खर्च आता है और यह सुविधा सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं होती। हालांकि, डॉक्टरों ने बोन सीमेंट का उपयोग करके इसे सफलतापूर्वक बनाया, जिससे मरीज का खर्च बचा। सत्यनारायण ने बताया कि उन्होंने पिछले 20 सालों में राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई बड़े अस्पतालों में इलाज करवाया था और बहुत पैसा खर्च किया था, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इलाज की उम्मीद छोड़ चुके सत्यनारायण नींद की गोलियों का सहारा ले रहे थे। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में मिले नि:शुल्क इलाज और सफल सर्जरी के लिए उन्होंने राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया। डॉ. योगी ने यह भी बताया कि यह बीमारी बहुत दुर्लभ है, जो लगभग एक लाख लोगों में से किसी एक को होती है। अक्सर मरीज इसे आंख की बीमारी समझता है, जबकि यह दिमाग से संबंधित होती है, जिसके कारण इसका निदान होने में लंबा समय लग जाता है। इस सफल ऑपरेशन में डॉ. रामसेवक योगी के साथ डॉ. रामावतार मालव, डॉ. राजन नंदा, डॉ. संजीव गुप्ता और स्टाफ सदस्य कन्हैयालाल व मुकेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


