कैंटोनमेंट बोर्ड रामगढ़ का झारखंड सरकार के अधीन नगर निकाय में विलय करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब जल्द ही भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय का गजट जारी हो सकता है। इसके बाद कैंटोनमेंट बोर्ड का एक्ट 2006 निरस्त होने के साथ ही बोर्ड का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। वहीं, झारखंड सरकार का नगर विकास व आवास विभाग के नगर निकाय के अधीन हो जाएगा। रामगढ़ नगर परिषद में शहरी क्षेत्र के शामिल आठ वार्डों में नागरिक सुविधाएं मुहैया कराने के साथ विकास के कार्य किए जाएंगे। कैंटोनमेंट बोर्ड के नगर निकाय में विलय को लेकर पिछले एक सप्ताह में झारखंड सरकार और भारत सरकार के अधिकारियों ने विलय को लेकर मीटिंग कर अंतिम प्रक्रिया के कार्यों पर चर्चा कर निर्णय लिया है। इस वित्तीय वर्ष, यानि मार्च महीने तक जितने प्रकार की वित्तीय लेखा जोखा के क्लियरेंस होने के बाद हैंड व टेक ओवर किया जा सकता है। इसके बाद अप्रैल 2025 से नगर परिषद के अधीन कैंटोनमेंट बोर्ड हो सकता है। क्योंकि, भारत व झारखंड सरकार ने वित्तीय,भूमि,भवन, संपत्ति- परिसंपत्ति, कर्मचारी व सारी व्यवस्था को हस्तांतरित करने का निर्णय ले चुकी है। अभी सही बोर्ड एरिया में राज्य सरकार की विकास योजनाओं का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। नगर परिषद में विलय के साथ ही शहरी क्षेत्र में कई बदलाव भी देखने को मिलेगा।


