भास्कर न्यूज | अमृतसर ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर टेस्ट लेने और लाइसेंस बनाने का काम संभाल रही प्राइवेट कंपनी का ठेका खत्म होने के 13 दिन बाद भी विभाग प्रक्रिया को ट्रैक पर नहीं ला पाया है। विभागीय अधिकारियों ने सोमवार को प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया था, लेकिन चौपहिया वाहन मालिकों को बिना टेस्ट दिए लौटा दिया गया। अब उन्हें फिर से आना पड़ेगा। सोमवार को सिर्फ दोपहिया वाहन चालकों के टेस्ट लिए गए। मगर कैमरे, सॉफ्टवेयर का प्रबंध और ट्रैक पर किसी नई कंपनी के मुलाजिमों का प्रबंध न होने के कारण चौपहिया वाहन चालकों के टेस्ट नहीं हो सके। इसलिए लोग आरटीए विभाग को कोसते हुए लौट गए। सोमवार को 22 दिन बाद ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक खोला गया। पूरे दिन में 14 दोपहिया वाहनों के टेस्ट ही लिए गए। विभाग के मुताबिक स्मार्ट चिप कंपनी का ठेका 31 दिसंबर 2024 तक था, मगर कंपनी ने 22 दिसंबर से ही ट्रैक बंद कर दिया था, जिससे डीएल की प्रिंटिंग भी रुकी हुई है। वहीं, बंद पड़े ट्रैक को डिप्टी स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशन ने आरटीए विभाग को 13 जनवरी से खोलने के आदेश जारी किया था। विभाग खुद लोगों को सुविधा देते हुए ट्रैक पर काम शुरू करें। दूसरी तरफ सोमवार से खोला गया ट्रैक लोगों को सुविधा नहीं दे पाया। मजीठा के नागकलां गांव से टेस्ट देने पहुंचे सविंदर सिंह ने बताया कि चौ पहिया वाहन का टेस्ट देने आए है। मगर उन्हें वापस जाने को कहा जा रहा है। धर्मपाल सिंह निवासी ढपई ने बताया कि वह ट्रैक पर 4 चक्कर लगा चुके है। अब फिर वापस भेज रहे हैं। सुखमनदीप कौर निवासी छेहर्टा ने बताया कि उसे आज की तारीख दी गई थी। आज टेस्ट नहीं दे पाई तो मुश्किल हो जाएगा क्योंकि उसकी कल फ्लाइट है। कुलविंदर सिंह ने बताया कि दो पहिया वाहन के लिए बेटी का ड्राइविंग टेस्ट करवाने आया हूं। अब कह रहे हैं कि आज काम नहीं होगा, जबकि लर्निंग लाइसेंस मार्च तक है।


