कोटपूतली में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में हुए इस कार्यक्रम की थीम ‘डिजिटल न्याय के माध्यम से उपभोक्ता मामलों का त्वरित और प्रभावी निपटारा’ थी। इसमें उपभोक्ताओं के अधिकारों, साइबर क्राइम, ई-दाखिल प्रणाली और BIS मानकों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण ने की। उन्होंने डिजिटल न्याय से त्वरित समाधान पर जोर दिया। सहारण ने बताया कि भारत में हर साल 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा देना है। जागरूक रहने का आह्लान
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जिले के उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के कानूनों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष कार्य योजना के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एक उपभोक्ता तभी अपनी सुरक्षा कर पाएगा जब वह अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक होगा। जिला रसद अधिकारी शशि शेखर शर्मा ने बताया-केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को बेहतर संरक्षण देने के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 लागू किया है। यह कानून 20 जुलाई 2020 से प्रभावी हुआ और इसने वर्ष 1986 के अधिनियम का स्थान लिया है। इसका उद्देश्य उपभोक्ता कल्याण की रक्षा करना और व्यवसायिक लेन-देन में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। शर्मा ने यह भी जानकारी दी कि उपभोक्ता मामलों के विभाग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) को अपग्रेड किया है और एआई-सक्षम एनसीएच 2.0 पेश किया है। इस दौरान उन्होंने उपभोक्ताओं के अधिकारों, साइबर क्राइम, ई-दाखिल प्रणाली और BIS मानकों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उपभोक्ता के अधिकारों के विचार बताए
अधीक्षण अभियंता विद्युत निगम मनोज गुप्ता ने भी अपने विभाग में उपभोक्ताओं के अधिकारों पर विचार साझा किए। कार्यक्रम में आवंटन सलाहकार समिति के पदाधिकारी, राशन डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी, पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी संचालक और उपभोक्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रवर्तन निरीक्षक विश्राम गुर्जर ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रवर्तन अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह चौधरी द्वारा किया गया।


