छत्तीसगढ़ के धमतरी में जिला कांग्रेस ने मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंच से सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उसे कोसा। यह प्रदर्शन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदले जाने के विरोध में किया गया। धमतरी के गांधी मैदान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस मुद्दे पर विरोध जताया। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तानाशाही और जनविरोधी सोच अपनाने का आरोप लगाया। धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने मनरेगा के नाम से छेड़छाड़ का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। जिला अध्यक्ष ने विकास के दावे पर उठाए सवाल जिला अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने मंच से संबोधित करते हुए कहा, हम राम राज्य लेंगे और भारत को विकसित बनाएंगे, लेकिन कहां से लगता है कि रामराज्य आ रहा है? राम राज्य में भी कोई गरीब, कोई मजदूर भूखा नहीं रहता था, लेकिन अभी राम राज्य तो छोड़ो, गरीबों का छलावा राज्य आ गया है। जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने आगे कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों गरीब, मजदूर और श्रमिक परिवारों के लिए रोजगार और सम्मान की गारंटी है। मनरेगा नाम बदलना, गांधी के योगदान का अपमान उन्होंने बताया कि मनरेगा का नाम महात्मा गांधी से जुड़ा है, जिन्होंने सत्य, अहिंसा और श्रम की गरिमा का संदेश दिया था। इस योजना के नाम को बदलने का प्रयास केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि गांधी के विचारों और उनके योगदान का अपमान है। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि सरकार योजनाओं के नाम बदलकर इतिहास और जनभावनाओं से खिलवाड़ कर रही है।


