भोपाल में अग्नीन्ध्र कुमार द्विवेदी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तेदुओं की दो खाल की तस्करी के मामले में दो आरोपियों को चार साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी बिल्लौर सिंह सोलंकी एवं कैलाश सोलंकी को यह सजा सुनाई गई है। 19 फरवरी 2018 को एसटीएफ को सूचना मिली थी कि भगवानपुरा (खरगोन) का तस्कर बिल्लौर सिंह और उसका भतीजा कैलाश सोलंकी तेंदुए की खाल का सौदा कर रहे हैं। तत्कालीन एसपी अरुण मिश्रा ने टीम बनाकर दोनों को खाल सहित पकड़ा। उन्होंने बताया कि आदिवासी तस्करों से खाल खरीदी थी। एसटीएफ ने टीम गठित कर जलगांव (महाराष्ट्र) से सटे जंगलों में दबिश दी। यहां से पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। झोले में थी तेंदुआ की खाल पुलिस ने घेराबंदी के बाद आरोपियों की तलाशी ली थी। उनके हाथ में एक झोला था, झोला चेक करने पर उसमें तेंदुआ की दो खाल मिली थीं। आरोपियों की निशानदेही पर धड पूछ सहित, जबड़ा की भी जब्ती की गई थी।


