शिवपुरी के 16 सहरिया आदिवासी महाराष्ट्र में बंधक बने:आरोप- काम का झांसा देकर ले गए थे; परिजनों ने एसपी से गुहार लगाई

शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम सेंवड़ा से 16 सहरिया आदिवासियों को महाराष्ट्र ले जाकर बंधुआ मजदूर बनाने और अमानवीय यातनाएं देने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों और पीड़ितों के परिजनों ने इस संबंध में बुधवार को पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने बताया कि ग्राम सेंवड़ा की आदिवासी बस्ती के नीतेश आदिवासी के जरिए महाराष्ट्र के सोलापुर से कुछ लोग गांव आए थे। उन्होंने 16 आदिवासियों को 15 दिन के काम का झांसा देकर महाराष्ट्र ले गए। लेकिन दो महीने बाद भी उन्हें वापस नहीं लाया गया है। आरोप है कि वहां पहुंचते ही उन्हें बंधक बना लिया गया और सुबह 3 बजे से रात 10 बजे तक जबरन काम कराया जा रहा है। परिजनों के मुताबिक, बंधकों में शामिल सोमवती आदिवासी ने चुपके से फोन पर यह जानकारी दी है। परिजनों ने जान को खतरा बताया
पीड़ितों के साथ मारपीट करने, उन्हें पर्याप्त भोजन और अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। परिजनों को उनकी जान को लेकर गंभीर आशंका है। बंधक बनाए गए आदिवासियों में सोबरन, सोमवती, संतोष, काजल, बनबारी, सरवती, राजनंदनी, नीलम, संजना, लालिता, संगी, संदीप, साजन, भूरा और मनीषा आदिवासी शामिल हैं। आवेदन में बताया गया है कि इनमें छोटे बच्चे और किशोर बालिकाएं भी हैं। कई मजदूर अपने छोटे बच्चों को गांव में ही छोड़ गए थे, जिनकी देखभाल ग्रामीण कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि महाराष्ट्र पुलिस और संबंधित जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर एक विशेष टीम गठित की जाए। उनकी मुख्य मांगों में सभी 16 आदिवासियों और बच्चों की सुरक्षित रिहाई, दोषी बिचौलियों व नियोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई और मजदूरों को सुरक्षित शिवपुरी लाकर उनका बकाया वेतन दिलाना शामिल है। एसडीओपी ने टीम गठित की
इधर, एसडीओपी संजय चतुर्वेदी के अनुसार, इस मामले में टीम गठित की है, जो मजदूरों को वापस लाने का काम करेगी।

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