प्रदेश के सभी 72 हजार सरकारी स्कूलों से से इस बार 30448 में वार्षिकोत्सव और पुरस्कार वितरण समारोह नहीं होंगे। इनमें उदयपुर के 1370 स्कूल शामिल हैं। दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से हर साल स्कूलों में यह समारोह आयोजित किए जाते हैं। इस बार 10 से 25 जनवरी के बीच वार्षिकोत्सव और पुरस्कार वितरण समारोह किया जाना प्रस्तावित किया है, लेकिन प्रदेश के कुल स्कूलों में से महज 41552 स्कूलों में ही कार्यक्रम के आयोजन का निर्णय लिया गया है। अब सवाल यह खड़ा हो गया है कि बाकी 30 हजार स्कूलों के बच्चे कैसे पुरस्कृत होंगे और उनका वार्षिकोत्सव कैसे मनेगा? उदयपुर में कुल 3994 विद्यालय हैं। इनमें माध्यमिक शिक्षा के तहत 863 और प्रारंभिक के तहत 1761 विद्यालयों में ही आयोजन होगा। इस संबंध में समग्र शिक्षा अभियान के आयुक्त अविचल चतुर्वेदी 7 जनवरी को आदेश जारी कर चुके हैं। जिन स्कूलों में यह आयोजन होने हैं, उनकी लिस्ट भी विभाग ने जारी की है। स्कूल के मेधावी बच्चों व स्थानीय भामाशाहांे को इस आयोजन में सम्मानित किया जाता है। बच्चे कम होने से तय मापदंड पूरे नहीं होते विभागीय सूत्रों के अनुसार जिन स्कूलों को इन समारोहों के आयोजन से वंचित किया गया है, उनके पीछे नामांकन कम होना प्रमुख कारण है। जिस स्कूल में पर्याप्त या 50 से कम बच्चे हैं, वहां पर आयोजन नहीं होगा। विभाग का मानना है कि बच्चों की संख्या कम होती है तो आयोजन को लेकर तय मापदंड पूरे नहीं होते हैं। एडीपीसी वीरेंद्र यादव ने बताया कि विभाग नामांकन के आधार पर आयोजन तय करता है। ऐसे में कम बच्चों वाले स्कूलों में आयोजन नहीं किया जा रहा। विकल्प…करीबी स्कूल के समारोह में बुला सकते हैं
जिन स्कूलों में समारोह नहीं होंगे, उनके मेधावी बच्चों के सम्मान को लेकर विभाग की ओर से अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। हालांकि, यह माना जा रहा है कि इन स्कूलों के बच्चों को अन्य किसी निकट के स्कूल में होने वाले समारोह में शामिल कर उनके बच्चों के साथ ही पुरस्कृत और सम्मानित कर दिया जाए।


