खाद्य सुरक्षा योजना:बच्चों के आधार अपडेट नहीं, इसी वजह से खाद्य सुरक्षा योजना में ई-केवाईसी की गति धीमी, सिर्फ 10 जिलों में 50% तक पहुंची

प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना में ई-केवाईसी कराने की प्रगति धीमी चल रही है। ऐसे में रसद विभाग को ई–केवाईसी करवाने की तिथि बार–बार बढ़ानी पड़ रही है। ई– केवाईसी के मामले में पहले स्थान पर श्रीगंगानगर जिला है। यहां के 56.67 प्रतिशत परिवारों ने ई-केवाईसी करवा ली है। वहीं, दूसरे स्थान पर नागौर 56.10 फीसदी और तीसरे स्थान पर झुंझुनूं जिले में 55.93 प्रतिशत लोगों ने राशन कार्डों की ई–केवाईसी करवा ली है। जबकि बांसवाड़ा सहित कई जिलों की स्थिति खराब है। यहां सिर्फ 20.34 फीसदी परिवारों ने ही ई–केवाईसी करवाई है। यह सबसे निचले पायदान पर है। अगर 31 जनवरी तक ई–केवाईसी नहीं करवा पाए तो इन परिवारों को राशन मिला बंद हो जाएगा। दरअसल, सरकार की महत्वपूर्ण फ्लैगशिप योजना खाद्य सुरक्षा में अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभान्वित कराने के लिए लाभार्थियों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। प्रदेश में राशन कार्ड धारी उपभोक्ता जो खाद्य सुरक्षा योजना में जुड़े हुए हैं, जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। इससे उन्होंने खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित होना पड़ सकता है। ई-केवाईसी नहीं कराने के पीछे प्रमुख कारण बच्चों के आधार कार्ड अपडेट नहीं होना है। परिवार में बेटियों की शादी के बाद भी राशन कार्ड से नाम नहीं हट पाए, जो राशन ले रहे हैं, सर्दी में कई बुजुर्गों के अंगूठे की निशानी नहीं आती है, नए नियम वाहन मालिक व आयकर दाता, जो अब तक राशन ले रहे थे, उन्हें वसूली का डर है, परिवार के लोग मजदूरी के लिए बाहर चले गए हैं। कई जिलों में 20 से 30 प्रतिशत तक ही हो पाई है ई-केवाईसी ई–केवाईसी करवाने में श्री गंगानगर जिला 56.67 प्रतिशत के साथ पहले पायदान पर है। दूसरे स्थान पर नागौर 56.10 फीसदी, झुंझुनूं 55.93, कोटा 55.61, अजमेर 53.28, हनुमानगढ़ 52.87, पाली 52.61, जयपुर 52.55, बूंदी 51.48 जिलों में आंकड़ा 50 प्रतिशत का पार हो पाया है। जबकि सीकर में 48.57, चूरू में 47.93. बीकानेर में 47.63, भरतपुर में 47.23, टोंक में 47.14, जोधपुर में 47.11, अलवर में 46.01, चित्तौड़गढ़ में 44.53, करौली में 44.11, सवाई माधोपुर में 43.81, दौसा में 43.68, भीलवाड़ा में 34.47, झालावाड़ में 34.12, बाड़मेर में 40.89, सिरोही में 38.31, बारां में 37.53, जालोर में 37.34, राजसमंद में 37.13, धौलपुर में 36.72, जैसलमेर में 34.37, प्रतापगढ़ में 30.19, डूंगरपुर में 26.62, उदयपुर में 24.61, बांसवाड़ा में 20.34 प्रतिशत ई-केवाईसी हुई। वंचितों को अवसर, वसूली भी नहीं होगी ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 31 जनवरी है। तब तक वंचित उपभोक्ता राशन डीलर के ई-केवाईसी करवा सकेंगे। इसमें किसी तरह की कोई वसूली का प्रावधान नहीं है। मगर ई-केवाईसी नहीं कराई तो खाद्य सुरक्षा से वंचित कर दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना में जुड़े उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी कराई जा रही है। अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजना का लाभ दिलाने के लिए तिथि बढ़ाई है। रसद विभाग भी इसके लिए अभियान चलाएगा।

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