धनबाद के डिगवाडीह कार्मेल स्कूल में छात्राओं से शर्ट उतरवाने के मामले की जांच कर रही जिला प्रशासन की टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है। सोमवार की देर रात एसडीएम राजेश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने हर किसी का पक्ष जाना। छात्राओं से भी बातचीत की गई। अभिभावकों ने हमारे साथ ही सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे। उसमें पहली नजर में कुछ भी आपत्तिजनक नजर नहीं आया है। ऐसा लगा कि कई छात्राओं के पास दो-दो शर्ट थीं। अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन ने आपस में बैठक कर सौहार्दपूर्ण वातावरण में मामले को समाप्त करने का फैसला किया। इससे संबंधित कॉपी हमें सौंपी। जांच रिपोर्ट जल्द डीसी को सौंपी जाएगी। प्रिंसिपल ने मांगी माफी वहीं, स्कूल की प्राचार्य सिस्टर एम देवाश्री ने कहा कि अभिभावकों के साथ बातचीत हुई है। आगे संस्थान में ऐसा कुछ नहीं होगा। छात्राओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अगर किसी की भावनाएं आहत हुईं, तो आई एम सॉरी। वहीं कार्मेल स्कूल प्रबंधन भी मामले की आंतरिक जांच कर रहा है। स्कूल के पटना स्थित मुख्यालय ने फिलहाल डिगवाडीह के स्कूल की प्राचार्य सिस्टर एम देवाश्री एसी को उनकी प्रशासनिक जिम्मेवारियों से अलग कर दिया है। उन्हें निर्देश दिया है कि वे जांच पूरी होने तक प्रबंधन से जुड़े कार्यों का संचालन न करें। आरोप हुआ साबित तो जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई एनसीपीसीआर के निर्देश पर सीडब्ल्यूसी ने भी छात्राओं से बातचीत की। सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन उत्तम मुखर्जी ने कहा कि जांच फिलहाल प्रारंभिक स्तर पर है। आरोप सही पाए जाने पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट, पुलिस की रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज देखेंगे। जिला बाल अधिकार संरक्षण अधिकारी भी मामले को देख रही हैं। उनकी भी रिपोर्ट देखेंगे। 10वीं की छात्राओं की परीक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए जरूरत पड़ने पर उनकी काउंसलिंग भी की जाएगी। डालसा ने भी छात्राओं और अभिभावकों से की बात इसी मामले में डालसा की टीम ने भी स्कूल की 10 व 11वीं की छात्राओं, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों से बातचीत की। वीडियो कैमरे के सामने बारी-बारी से उनके बयान दर्ज किए गए। स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को स्कूल प्रबंधन और जिला प्रशासन के टेक्नीशियन की मौजूदगी में देखा गया। हालांकि, जांच टीम के सामने छात्राएं दो गुटों में बंटी दिखीं। 10वीं छात्राएं आरोपों पर अड़ी रहीं, तो 11वीं की कुछ छात्राओं ने घटना की पुष्टि नहीं की। जांच की प्रक्रिया देर शाम तक चली। अवर न्यायाधीश सह डालसा के सचिव राकेश रोशन ने कहा कि जांच रिपोर्ट जल्द झालसा को भेज दी जाएगी। मौके पर एसडीएम राजेश कुमार, डीएसडब्ल्यूओ अनीता कुजूर, डीईओ निशु कुमारी,सीडब्ल्यूसी के चेयरपर्सन उत्तम मुखर्जी,डीसीपीओ साधना कुमारी, सीडीपीओ सिंदरी,जोड़ापोखर थाना प्रभारी, टेक्निकल सेल,एलएडीसीएस के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।


