छिंदवाड़ा के देहात थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक माइनिंग इंजीनियर ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान नागपुर रोड स्थित वर्धमान सिटी के निवासी हेमंत पवार (51) के रूप में हुई है। वे पेशे से इंजीनियर हैं और समाजसेवा में भी एक्टिव थे। बुधवार को हेमंत पवार ने मालगाड़ी के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। घटना से लोग स्तब्ध रह गए। सुसाइड नोट में खुद को ठहराया जिम्मेदार
देहात थाना निरीक्षक ने बताया कि स्थानीय लोगों से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति ने मालगाड़ी के सामने कूदकर जान दे दी है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान हेमंत पवार के रूप में की गई। पुलिस को घटनास्थल से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत की जिम्मेदारी स्वयं पर ली है और अपने पिता से माफी मांगी है। समाजसेवा में भी एक्टिव थे
हेमंत पवार पेशे से माइनिंग इंजीनियर थे और समाज में उनकी पहचान एक कुशल, व्यवहारिक और नेतृत्व क्षमता वाले व्यक्ति के रूप में थी। वे बीते कई वर्षों से जिला छतरियां पवार समाज के अध्यक्ष और प्रदेश भोयर पवार समाज के कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे। उनकी एकमात्र बेटी कक्षा 10वीं की छात्रा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने परिजनों को संभालने के उद्देश्य से कुछ समय तक यह सूचना उनकी पत्नी से छुपाकर रखी। पवार समाज से जुड़े अविनाश पवार ने बताया कि कुछ दिन पहले ही समाज की बैठक में हेमंत पवार ने समाज के उत्थान को लेकर नई रणनीति तैयार की थी। किसी ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि वे ऐसा कदम उठा लेंगे। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया घटनाक्रम घटना के समय एक व्यक्ति ने दूर से पूरी घटना देखी। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, हेमंत पवार करीब तीन घंटे तक रेलवे ट्रैक के आसपास घूमते रहे और ट्रेन आने का इंतजार करते रहे। जैसे ही मालगाड़ी आई, वे ट्रैक पर लेट गए और ट्रेन की ओर पीठ कर ली। जब तक प्रत्यक्षदर्शी मदद के लिए वहां पहुंच पाता, तब तक घटना हो चुकी थी। फिलहाल देहात थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


