रीवा के संजय गांधी अस्पताल से जुड़ा एक बेहद पेचीदा मामला सामने आया है, जहां एक मृतक की असली पत्नी और बेटी को न्याय पाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सीधी की पीड़िता सविता गोस्वामी का आरोप है कि उनके पति रामबदन गोस्वामी की 15 अगस्त को मौत के बाद एक अन्य महिला ने 21 अगस्त को खुद को उनकी पत्नी बताकर फर्जी तरीके से मौत प्रमाण पत्र बनवा लिया है। सविता गोस्वामी के अनुसार, वे पिछले 25 वर्षों से रामबदन गोस्वामी की पत्नी के रूप में उनके साथ रह रही थीं और उनकी एक बेटी अनुराधा भी है। सविता का दावा है कि उनके पति ने अपनी वसीयत में भी पत्नी और बेटी के रूप में उनका नाम दर्ज किया था। उन्हें डर है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए उनकी संपत्ति हड़पने की साजिश रची जा रही है। फर्जीवाड़े के सबूत और कानूनी पक्ष अधिवक्ता राम दरस जोगी ने बताया कि ग्राम हिनौती की समग्र आईडी में सविता का नाम स्पष्ट रूप से रामबदन की पत्नी के रूप में दर्ज है, जिसकी पुष्टि स्थानीय सरपंच और सचिव ने भी की है। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर मृत्यु प्रमाण पत्र में ‘केयर ऑफ’ के साथ दूसरी महिला, सूरत देवी का नाम जोड़ दिया गया है, जो कानूनी रूप से गलत है। बेसहारा हुई बेटी की गुहार मृतक की बेटी अनुराधा गोस्वामी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि पिता के जाने के बाद घर चलाने वाला कोई नहीं बचा है। यदि प्रशासन ने जल्द न्याय नहीं किया, तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कलेक्टर और एसडीएम से गुहार लगाई है कि इस फर्जीवाड़े को रोककर उनके हक की रक्षा की जाए। प्रशासन की कार्रवाई इस मामले में सीधी कलेक्टर स्वरोचिस सोमवंशी ने बताया कि महिला की शिकायत मिल चुकी है और संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। फिलहाल, विवाद को देखते हुए पूरी प्रक्रिया को ‘होल्ड’ पर रखा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


