रमेश ईनाणी हत्याकांड, रामस्नेही संप्रदाय से 2 संत निष्कासित:पीठाधीश्वर रामदयाल महाराज का फैसला, लिखा- अब इनसे कोई लेना-देना नहीं

चित्तौड़गढ़ में हुए चर्चित रमेश ईनाणी हत्याकांड में संतों की संलिप्तता सामने आने के बाद अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय ने बड़ा फैसला लिया है। इस मामले में नाम आने पर चित्तौड़गढ़ के संत रमता राम और सिरोही के संत भजना राम को संप्रदाय से निष्कासित कर दिया गया है। यह आदेश अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी जी श्री 1008 रामदयाल महाराज ने जारी किया है। आदेश में साफ कहा गया है कि आज से इन दोनों संतों का रामस्नेही संप्रदाय से कोई भी संबंध नहीं रहेगा और इस तरह के कृत्य संप्रदाय की परंपरा और मर्यादा के खिलाफ हैं। पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी जी श्री 1008 रामदयाल महाराज ने बताया- रमेश ईनाणी की हत्या के मामले में रामस्नेही संप्रदाय से जुड़े चित्तौड़गढ़ के संत रमता राम और सिरोही के संत भजना राम की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इस गंभीर मामले को देखते हुए बुधवार शाम को एक आधिकारिक आदेश जारी कर दोनों संतों को तत्काल प्रभाव से संप्रदाय से निष्कासित कर दिया गया है। अब इन दोनों का रामस्नेही संप्रदाय से कोई लेना-देना नहीं है। अन्य संतों को भी दी चेतावनी, बोले कोई लिप्त पाया गया तो होगा निष्कासित जगतगुरु स्वामी रामदयाल महाराज ने यह भी कहा कि रामस्नेही संप्रदाय हमेशा अहिंसा, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलता आया है। ऐसे में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई और संत या संप्रदाय से जुड़ा व्यक्ति इस तरह के गंभीर अपराध में लिप्त पाया जाता है, तो उसे भी बिना किसी भेदभाव के निष्कासित माना जाएगा। संप्रदाय की छवि और मर्यादा बनाए रखना सर्वोपरि है। हत्या की साजिश रची और शूटर से करवाया मर्डर पुलिस जांच में सामने आया है कि रमेश ईनाणी की हत्या करवाने के लिए उत्तर प्रदेश से शूटर मनीष दुबे को बुलाया गया था। आरोप है कि मनीष दुबे ने ही रमेश ईनाणी पर गोली चलाई थी। यह मामला इसलिए भी ज्यादा गंभीर हो गया क्योंकि आखिरी समय में रमेश ईनाणी ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा था कि उन पर हमला रमता राम महाराज ने ही करवाया है। इस बयान के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और जांच एजेंसियां और सक्रिय हो गईं। जांच के बाद फरार हुए संत, अग्रिम जमानत भी खारिज पुलिस जांच में जब रमता राम और भजना राम के नाम सामने आए, तो रमता राम महाराज मोबाइल बंद कर फरार हो गए। बाद में उन्होंने अपने वकील के माध्यम से चित्तौड़गढ़ कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। हालांकि मंगलवार शाम को कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया और संप्रदाय की ओर से भी सख्त कदम उठाया गया। अब पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है और मामले की गहन जांच जारी है। 11 नवंबर को भाजपा नेता ईनाणी को मारी थी गोली
बीजेपी नेता रमेश ईनाणी (65) साल 2019 से 2022 तक पार्टी में नगर मंत्री के पद पर रह चुके हैं। 11 नवंबर को वे स्कूटी पर अपने काम से जा रहे थे। इस दौरान बाइक पर हेलमेट पहनकर आए बदमाश ने उन पर फायरिंग कर दी। रमेश वहीं स्कूटी समेत गिर पड़े। हमले में गंभीर घायल भाजपा नेता को चित्तौड़गढ़ के सरकारी हॉस्पिटल लाया गया था। जहां उनकी गंभीर हालात को देखते हुए उदयपुर रेफर किया गया था। इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। देर शाम पुलिस ने आरोपी को डिटेन भी किया।

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