प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) दिसंबर 2025 में बंद हो जाएगी। इसके बाद इस योजना के तहत कोई भी नया आवास स्वीकृत या निर्मित नहीं किया जाएगा। वहीं जितने भी आवास के काम चल रहे हैं उसे छह दिन के भीतर यानी 31 दिसंबर तक हर हाल में पूरा करना होगा। इसके बाद अधूरे मकान के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कोई भी राशि जारी नहीं की जाएगी। राज्य शासन ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को स्पष्ट कहा है कि अधूरे काम मिशन मोड में पूरा करें और कोई भी नया काम शुरू न करें। दरअसल, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत प्रदेश की विभिन्न नगरीय निकायों में कुल 2 लाख 49 हजार 166 आवास स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 2 लाख 11 हजार 69 आवास हितग्राहियों द्वारा स्वयं की भूमि पर बनाए जाने थे, जबकि 38 हजार 97 आवास किफायती आवासीय परियोजनाओं के तहत स्वीकृत हुए थे। योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 2 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। इनमें 1 लाख 74 हजार 967 आवास हितग्राहियों द्वारा बनाए गए हैं, जबकि किफायती आवासीय परियोजनाओं के तहत 21 हजार 600 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। 15 हजार आवास के पूरे होने की संभावना
टारगेट के मुताबिक वर्तमान में लगभग 49 हजार आवास का निर्माण शेष है। इनमें काम चल रहा है लेकिन अफसरों के मुताबिक निर्धारित समय सीमा के भीतर इनमें से 15 हजार आवास पूर्ण होने की संभावना है। जबकि शेष आवास अपूर्ण रह जाएंगे और अभी यह तय नहीं है कि इन अधूरे आवासों को पीएम आवास शहरी 2.0 में शामिल किया जाएगा या नहीं। आगे क्या… पीएम आवास शहरी 2.0 शुरू होगा प्रदेश के 189 नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का सर्वे शुरू हो गया है। पिछली बार की तुलना में इस योजना का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें तीन आय वर्ग के हितग्राहियों को शामिल किया गया है। तीन लाख (ईडब्ल्यूएस), छह लाख (एलआईजी) और नौ लाख रुपए सालाना आय (एमआईजी) वालों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। तीन चरणों में इसका सर्वे किया गया है। ऐसे हितग्राही, जिन्हें पहले चरण में आवास नहीं मिल पाया है और जो अभी तक आवास की सुविधा से वंचित हैं, उन्हें इसके तहत आवास देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसमें हितग्राहियों को चार श्रेणियों में बांटा गया है, जिनमें लाभार्थी आधारित निर्माण, भागीदारी में किफायती आवास, किफायती किराया आवास तथा ब्याज सब्सिडी योजना शामिल हैं। दिसंबर तक पूर्ण मकानों को मिलेगा पूरा भुगतान
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत जो मकान दिसंबर 2025 तक पूर्ण हो जाएंगे, उनके लिए पूरी राशि का भुगतान किया जाएगा। लेकिन गाइडलाइन के अनुसार अधूरे मकानों के लिए कोई राशि स्वीकृत नहीं की जाएगी। अधूरे रह जाने वाले मकानों को लेकर अभी दिशा-निर्देश तय नहीं हैं। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि ऐसे मकानों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में शामिल कर पूरा किया जा सकता है।
-बसवराजू एस, सचिव, नगरीय प्रशासन विभाग


