कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई हिंसा और कथित धर्म परिवर्तन के विरोध में बुधवार को कई सामाजिक संगठनों ने छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया। बंद का असर रायपुर समेत धमतरी, दुर्ग, रायगढ़, महासमुंद सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में देखने को मिला। बंद को चैंबर ऑफ कॉमर्स, विभिन्न व्यापारिक संगठनों और हिंदू संगठनों का समर्थन प्राप्त था। रायपुर के मैग्नेटो मॉल में हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। मॉल के बाहरी हिस्से में की गई क्रिसमस थीम की सजावट को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे फूल और सजावटी सामान बिखर गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इसी तरह, होम डिलीवरी सेवाएं बंद कराने के प्रयास में कार्यकर्ता ब्लिंकिट के कार्यालय पहुंचे, जहां एक कर्मचारी के साथ मारपीट की गई। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। मामले को लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। राजधानी रायपुर में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अधिकांश दुकानें बंद रहीं। … तो FIR करेंगे
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाओं में यदि लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कुछ इलाकों में खुली दुकानों को जबरन बंद कराया गया। इस दौरान शहर में तनाव की स्थिति भी बनी। कांकेर में भी बंद का असर, छिटपुट विवाद
कांकेर जिले में भी सुबह से दुकानें बंद रहीं। बंद के दौरान कुछ स्थानों पर छिटपुट विवाद की स्थिति बनी। आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम उसेली में कुछ लोग कथित धर्मांतरण से जुड़ी महिला के घर पहुंचे और उसे मूल धर्म में लौटने के लिए कहा। महिला के इनकार करने पर उसके घर के सामने बनी परछी में तोड़फोड़ की गई।


