भास्कर न्यूज| कवर्धा/सहसपुर लोहारा सिंघनपुरी जंगल थाना क्षेत्र में धान तस्करी और उगाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि फर्जी अधिकारी बनकर सरकारी वाहन में सवार लोग, मध्यप्रदेश से आ रही धान से लदी गाड़ियों को रोकते थे। जांच का नाटक करते थे और पैसे लेकर फॉरेस्ट नाका पार कराते थे। विरोध करने पर फॉरेस्ट नाका के चौकीदार से मारपीट तक की गई। मामला उजागर हुआ, तो ग्रामीणों ने एक संदिग्ध को पकड़ लिया, जबकि 3 संदिग्ध सरकारी गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक, घटना मंगलवार रात की है। ग्राम केंजेदाह जंगल वनोपज जांच नाका के पास दो माजदा वाहन धान से लदे हुए पहुंचे। तभी चार संदिग्ध एक तहसीलदार की सरकारी गाड़ी में सवार होकर मौके पर पहुंचे। खुद को अधिकारी बताते हुए धान गाड़ियों की जांच शुरू कर दी। नाके पर चौकीदार ने रोका तो कर दी पिटाई जब फॉरेस्ट नाका चौकीदार ने धान गाड़ियों को बिना वैध कागजात पार कराने पर सवाल उठाए, तो आरोप है कि चारों संदिग्धों ने मिलकर चौकीदार के साथ मारपीट शुरू कर दी। जान बचाने के लिए चौकीदार गांव केजेदाह की ओर चिल्लाते हुए भागा। उसकी आवाज सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। दी। आरोप है कि यह जांच दिखावा थी। असल मकसद अवैध वसूली था। {प्राइवेट ड्राइवर है, जांच करेंगे- तहसीलदार: सहसपुर लोहारा के तहसीलदार विवेक गोहिया का कहना है कि शासकीय वाहन का दुरुपयोग नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने रामकुमार नाम के जिस व्यक्ति को पकड़ा है, उसने आरोप लगाया है। सरकारी वाहन चलाने वाला प्राइवेट ड्राइवर है। उसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे। {विभागीय जांच कराएंगे- एडीओपी: सहसपुर लोहारा एसडीओपी प्रतीक चतुर्वेदी का कहना है कि डॉयल- 112 के आरक्षक जित्तू सिंह पर वसूली का आरोप लगा है। उसकी विभागीय जांच कराई जाएगी। एक अन्य आरक्षक के शामिल होने की जानकारी नहीं है। सिंघनपुरी थाने की पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। {मैं आवेदन नहीं दे सकता: थाना प्रभारी: सिंघनपुरी जंगल थाना प्रभारी राजेश चंड ने मीडिया को ग्रामीणों की लिखित शिकायत संबंधी आवेदन देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि आप किसी को थाने भेज दीजिए, मैं उसे आवेदन दिखा दूंगा। दोपहर में थाने पहुंचा मामला लिखित शिकायत की गई पूरी रात संदिग्ध रामकुमार को गांव में रखने के बाद बुधवार दोपहर ग्रामीण सामूहिक रूप से सिंघनपुरी थाना पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने संदिग्ध व्यक्ति को इसलिए रोके रखा, ताकि मामला दब न जाए और आरोपी फरार न हो जाएं। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर फरार तीनों संदिग्धों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे एसपी, कलेक्टर और उच्च अधिकारियों तक शिकायत करेंगे। तीन संदिग्ध सरकारी वाहन में बैठकर फरार ग्रामीणों को आता देख तीन संदिग्ध सरकारी वाहन में बैठकर फरार हो गए। लेकिन रामकुमार श्रीवास, निवासी सोनझरी को ग्रामीणों ने दौड़ाकर पकड़ लिया। गुस्साए ग्रामीणों ने उसे मंगलवार रात से बुधवार दोपहर करीब 1 बजे तक गांव में ही रोके रखा और उससे पूछताछ की। इस दौरान उसने जो खुलासे किए, वे और भी चौंकाने वाले हैं। बयान सही है, तो मामला गंभीर है।


