पीएम श्री स्कूल में एक्टिविटी के लिए लाखों का बजट कई एक्टिविटी शून्य, प्रोग्रेस में हम सबसे पीछे: निदेशक

भास्कर न्यूज| भरतपुर राज्य परियोजना निदेशक अशोक मीणा की अध्यक्षता में बुधवार को भरतपुर व डीग जिले के समस्त शिक्षा विभागीय अधिकारियों व पीएम श्री संस्थाप्रधानों के साथ बैठक की। बैठक में पीएमश्री, व्यावसायिक शिक्षा, गुणवत्ता शिक्षा, बालिका शिक्षा, आईसीटी लैब, वैकल्पिक व औपचारिक शिक्षा, समावेशी शिक्षा, परीक्षा व सिविल से संबंधित निर्माण कार्यों पर बृहद रूप से समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अनित शर्मा, डाइट प्रधानाचार्य नीलमणि चौधरी, सहायक परियोजना समन्वयक अशोक गुप्ता व समस्त स्टाफ समसा आदि उपस्थित रहे। अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक अशोक मीणा ने समस्त शिक्षक स्टाफ के साथ बैठक की थी, जिसमें पीएम श्री स्कूल को लेकर प्रधानाचार्य व सीबीईओ की आधी-अधूरी तैयारी के साथ आने पर भड़क गए। कहा कि इस मीटिंग में आने वाले सीबीईओ को ये तक जानकारी नहीं कि पीएम श्री एक्टिविटी में लाखों रुपए का बजट आया, लेकिन कई एक्टिविटी शून्य एक्टिविटी दिखा रहा है। उसका जवाब एडीपीसी दें कि शून्य रिपोर्ट क्यों दिखा रहा है। एक-एक ब्लॉक के सीबीईओ को खड़ा कर उनसे एक्टिविटी पर खर्च किए गए पैसे की जानकारी ली,जिस पर कई सीबीईओ ने खुद प्रभारी न होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। परीक्षा पर चर्चा के लिए कम रजिस्ट्रेशन होने पर निदेशक अशोक ने पूछा कि िपछले साल भरतपुर 2 दूसरे स्थान पर था। इस बार 39वें स्थान पर इसकी वजह क्या है। जिस पर डीईओ सेकेंडरी सुरेंद्र गोपालिया ने सीबीईओ की रिपोर्ट रखी िक सेवर, नदबई, भुसावर में सबसे कम रजिस्ट्रेशन हुए जिस कारण वह सबसे पीछे चल रहे हैं,िजस पर नदबई/ सेवर के सीबीईओ को हिदायत दी की जल्द से जल्द टारगेट पूरा करें। इस दौरान प्रधानाचार्य और सीबीओ को सुधार करने के खख्त निर्देश दिए। बैठक में केजीवी कस्तूरबा गांधी विद्यालय में ठेके पर फर्म के द्वारा रखे द्वारपालों व अन्य कर्मचारियों का पैसा महीनों से रुका पड़ने पर प्रमुख पदाधिकारी पवन कुमार को फटकार लगाई। कहा 4000 से 5000 रुपए मिलते हैं उसमें भी उनका पेमेंट दो-दो महीने से रुका पड़ा है। ऐसी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर देना चाहिए और ठेकेदार का पैसा रोक शर्त रखें की पहले कर्मचारियों का पेमेंट उसके बाद उन ठेकेदार को पेमेंट किया जाएगा। इसके साथ ही चेतावनी दी की 31 दिसंबर तक केजीबी में काम करने वाले द्वारपालों को पेमेंट नहीं दिया गया तो अगली कार्रवाई जल्द प्रमुख पदाधिकारी पर होगी।

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