भरतपुर। सारस चौराहे पर मामा फ्रैंकी रेस्टोरेंट के मालिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में एक अन्य आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। आरोपी ने पुलिस हिरासत में चोट पहुंचने की आशंका जताते हुए मेडिकल कराने की मांग की, जिस पर कोर्ट ने सशर्त गिरफ्तारी की अनुमति दी। आदेश के बाद मथुरा गेट थाना पुलिस ने आरोपी को कोर्ट से गिरफ्तार कर आरबीएम अस्पताल में मेडिकल कराया। इस मामले में अब तक पुलिस तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि हमले का मुख्य आरोपी अजीत सिंह अभी तक फरार चल रहा है। एडवोकेट देवेन्द्र सिंह पोसवाल ने बताया कि सेवर थाना क्षेत्र के घना जाटौली निवासी सचिन सिंह पुत्र सत्तो ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। आरोपी ने प्रार्थना पत्र पेश कर आशंका जताई कि गिरफ्तारी के दौरान उसे गंभीर शारीरिक चोट पहुंचाई जा सकती है, इसलिए उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए। मामले के अनुसंधान अधिकारी ताराचंद सिंह मौके पर पहुंचे और कोर्ट से गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। कोर्ट ने अनुमति देते हुए निर्देश दिए कि चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए। इसके बाद मथुरा गेट थाना पुलिस ने आरोपी को कोर्ट से गिरफ्तार कर आरबीएम अस्पताल में मेडिकल कराया। मुख्य आरोपी अजीत समेत अभी दो फरार:- मथुरा गेट थाना क्षेत्र के सारस चौराहे के पास स्थित मामा फ्रैंकी रेस्टोरेंट में 9 दिसंबर की रात करीब 10 बजे बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। आरोपियों ने मालिक को पैर पकड़कर घसीटते हुए सड़क पर ला पटका। इसके बाद लात-घूंसे और लाठियों से बेरहमी से मारपीट की। स पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बुधवार को एक अन्य आरोपी सचिन ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं, मुख्य आरोपी अजीत और राहुल फरार चल रहे हैं।


