पिछले 17 सालों से भटक रहे न्यू स्वागत विहार के भू-खंडधारियों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। यहां जमीन खरीद चुके लोगों के सामने अब एक और नई परेशानी आ चुकी है। क्योंकि न्यू-स्वागत विहार का ले-आउट बदल गया है। नए ले-आउट के हिसाब से यदि पुरानी रजिस्ट्री शून्य हो गई तो भूखंडधारियों को नई गाइडलाइन दर से दोबारा रजिस्ट्री करानी पड़ेगी। ऐसे में नई गाइडलाइन दर के हिसाब से एक हजार स्क्वेयर फीट जमीन की रजिस्ट्री के लिए करीब दो लाख रुपए चुकाना पड़ेगा। साथ ही सड़क, नाली, बिजली, पानी के लिए प्रति वर्गफीट 209 रुपए शुल्क देना होगा। भू-खंडधारियों को सीधे तौर पर खरीदी गई जमीन का दोगुना शुल्क एक बार फिर से देना होगा। यह प्रोजेक्ट साल 2009-10 में लाया गया था। बिल्डर ने 26 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर ले आउट पास कराया और 3189 लोगों को बेच दिया। इससे प्रोजेक्ट पर ग्रहण लग गया था। पिछली सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए आरडीए को नोडल बनाया था। बिल्डर पर तो कार्रवाई हुई, लेकिन राजस्व, नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के उन ज़िम्मेदार अफसरों पर आज तक कार्रवाई नहीं की गई, जिन्होंने इस कॉलोनी का नक्शा, लेआउट पास किया। यह जानते हुए भी कि इसमें सरकारी जमीन शामिल है। जानिए, किसके नाम पर होगा नामांतरण
राजस्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार टाउनशिप का कुछ हिस्सा बोरियाखुर्द, सेजबहार और डूंडा में आता है। इनमें बोरियाखुर्द और सेजबहार ग्रामीण इलाके हैं। डूंडा के प्लॉट नगर निगम क्षेत्र में आ रहे हैं। डूंडा की जमीन नगर निगम कमिश्नर के नाम पर और बोरियाखुर्द और सेजबहार की जमीन तहसीलदार के नाम पर नामांतरण होगी। इसलिए बोरियाखुर्द और सेजबहार में पानी, बिजली और सड़क की व्यवस्था जिला प्रशासन करेगी। वहीं डूंडा वाले हिस्से का काम निगम देखेगा। न्यू स्वागत विहार की फाइल संबंधित तहसीलदार के पास भेज दी गई है। जल्द ही इस मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। – नंदकुमार चौबे, एसडीएम रायपुर कितनी है रजिस्ट्री की नई दर, समझें
न्यू स्वागत विहार को बोरियाखुर्द, डूंडा और सेजबहार के तीन गांव को मिलाकर कॉलोनी बसाई गई थी। वर्तमान में प्रदेश में नई गाइडलाइन दर लागू हो गई है। इसमें डूंडा में 1859 रुपए स्क्वेयर फीट, बोरियाखुर्द में 1394 और सेजबहार में 1301 रुपए प्रति स्क्वेयर फीट की दर लागू है।


