शब्दों के साथ विरासत में यादें दे गए:शुक्ल विदा… शैलेंद्र नगर से अंतिम यात्रा, मारवाड़ी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार

अभी सो रहे हैं विनोद जी… ​विनोद कुमार शुक्ल का निधन मंगलवार को हुआ, बुधवार को अंतिम संस्कार। उन्हें जानने वाले कहते हैं- विनोदजी जब जीवित थे और जब शांत हुए, उनके चेहरे के भाव जरा भी परिवर्तित नहीं हुए। चेहरे पर वही गंभीरता। मुंदी हुई आंखों में वही गहराई। ललाट पर वही तेज। मानों वे सो रहे हैं…। एकदम शांत चित्त होकर। रोज की तरह। विनोदजी को करीब से जानने वाले, उनके साथ उठने-बैठने वाले हर वर्ग के लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। कुछ ऐसे भी लोग श्मशान घाट पहुंचे, जिन्होंने बस उनका नाम सुना था। हर कोई अपने-अपने ढंग से विनोदजी को याद कर रहा था। कविता का पूरा कारवां खड़ा करने वाले विनोदजी पंचतत्व में विलीन हो गए। रह गई हैं तो बस उनसे जुड़ी यादें, उनकी कविताएं और उनकी कहानियां, जो आने वाली पीढ़ी को नई दिशा देंगी। हमेशा यह एहसास करवाएंगी कि कठिन से कठिन और जटिल से जटिल विषय को भी सरल शब्दों में कविता के रूप में बताया, समझाया जा सकता है। शब्दों के अलावा ये तिरंगा… जो शुक्ल की याद दिलाता रहेगा। दाह संस्कार के पहले कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह तिरंगे को उनके परिजनों को सौंपते हैं। देह में जान नहीं थी… बेटे शाश्वत जानते थे। लेकिन जैसे-जैसे चिता पर रखे उनके पिता की पार्थिव देह पर लकड़ी के लट्ठे चढ़ रहे थे, उनका दिल उतना ही भारी होता जा रहा था। पिता के शरीर पर भार रखने का दर्द उनके चेहरे और उनकी आंखों में साफ दिख रहा था। अंतिम विदाई में उमड़ा साहित्य जगत : विनोदजी को अंतिम विदाई देने कवि कुमार विश्वास उनके घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमें आशा थी कि वे जल्द ही स्वस्थ होकर घर लौटेंगे। साहित्य उत्सव जो जनवरी में होगा उसके समय पर उनके दर्शन होंगे। इसकी अध्यक्षता या वे ही उद्घाटन करेंगे लेकिन वे अपनी अंतिम यात्रा पर चले गए। उनका जाना हिंदी का ही नहीं भारतीय भाषाओं का भी नुकसान है। जब भी हिंदी कविता की बात चलेगी तब विनोद कुमार शुक्ल याद आएंगे। जब भी कोई व्यक्ति हताश बैठेगा और उसकी तरफ कोई दूसरा व्यक्ति हताशा में हाथ बढ़ाएगा। जब भी वह हाथ बढ़ाकर चलेगा, तब-तब विनोद कुमार शुक्ल की कविताएं हमारे साथ चलेंगी। इतिहासकार आचार्य रमेंद्रनाथ मिश्र, शशांक शर्मा, पंकज झा, गिरीश पंकज, रुचिर गर्ग, डॉ. दिनेश मिश्र, उमेश मिश्र, विनोद वर्मा, समीर दीवान, रानू तिवारी, प्रफुल्ल ठाकुर, आलोक पुतुल, संकेत ठाकुर, शुभ्रा ठाकुर, वैभव बेमेतरिहा ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *