गोविंद देवजी मंदिर में मकर संक्रांति पर अनोखी झांकी:ठाकुरजी ने उड़ाई  200 साल पुरानी सोने की पतंग, राधा रानी ने पकड़ी चांदी की चरखी

जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर में मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। सुबह मंगला आरती के साथ मंदिर में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। तड़के 4 बजे से ही भक्त भगवान के दर्शन के लिए उमड़ने लगे।मंदिर में इस बार मकर संक्रांति के अवसर पर भगवान गोविंददेवजी और राधा रानी की झांकी को अनोखे अंदाज में सजाया गया है। ठाकुरजी को सोने की पतंग उड़ाते हुए दिखाया गया है, जबकि राधा रानी ने चांदी की चरखी पकड़ रखी है। झांकी में 200 साल पुरानी रियासतकालीन पतंग और चरखी को शामिल किया गया है, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भगवान को पतंग प्रिंट वाले विशेष परिधान धारण कराए गए हैं। विशेष भोग और सजावट
भगवान को तिल गुड़ के लड्डुओं, फिनी और परंपरागत भोग सामग्री अर्पित की गई है। मंदिर परिसर को 1100 रंग-बिरंगी पतंगों से सजाया गया है, जिससे मकर संक्रांति का उत्सव और भी भव्य नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़ और उत्साह
मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य नारायण के उत्तरायण में प्रवेश के उपलक्ष्य में बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे। दिनभर यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहेगा। भक्तों के बीच तिल के लड्डू प्रसाद के रूप में बांटे जा रहे हैं। गोविंद देवजी मंदिर में इस भव्य आयोजन और ऐतिहासिक झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। ठाकुरजी की सोने की पतंग और राधा रानी की चांदी की चरखी ने इस पर्व को खास बना दिया। मकर सक्रांति के अवसर पर जयपुर के गलताजी में सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान दान के लिए पहुंच रहे है। मंदिर परिसर में पहाड़ी पर स्थित कुंड में भक्त पवित्र डुबकी लगाकर तिल और गुड़ से बने लड्‌डुओं का दान कर रहे है।

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