ब्लड बैंक को ब्लड कंपोनेंट यूनिट की मिली स्वीकृति

भास्कर न्यूज | अंबिकापुर खाद्य व औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ ने शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक में रक्त घटक निर्माण यूनिट की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे अब अस्पताल में एक ब्लड के विभिन्न घटक को अलग किया जा सकेगा और मरीज को संबंधित घटक दिया जा सकेगा। रक्त घटक निर्माण यूनिट (ब्लड कंपोनेंट यूनिट) के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा लंबे समय से प्रयास किया जा रहा था। इस यूनिट के शुरू होने से अब एक यूनिट ब्लड से कई मरीजों की जरूरत पूरी हो सकती है। यानी यदि किसी मरीज में आरबीसी की जरूरत होगी तो उसे सिर्फ आरबीसी ही चढ़ाया जाएगा। बाकी के घटक जैसे प्लाजा, प्लेटलेट्स, डब्ल्यूबीसी अलग-अलग कर रखे जा सकते हैं। इससे एक यूनिट ब्लड से कई मरीजों का इलाज हो सकेगा। अस्पताल के एमएस डॉ. आरसी आर्या ने बताया कि ये अस्पताल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस स्वीकृति के बाद जिला अस्पताल अंबिकापुर में गंभीर रोगियों, आपातकालीन मामलों, शल्य-चिकित्सा से जुड़े मरीजों, सड़क दुर्घटना पीड़ितों, गर्भवती महिलाओं और अन्य जरूरतमंद रोगियों को समय पर आवश्यक रक्त घटक उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इससे मरीजों को जीवनरक्षक उपचार में काफी सहूलियत मिलेगी। { प्लाज्मा-यह रक्त का हल्का पीला, तरल भाग है, जो रक्त का लगभग 55% होता है। { लाल रक्त कोशिकाएं- इन्हें एरिथ्रोसाइट्स भी कहते हैं।ये हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन से भरी होती हैं, जो फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर की सभी कोशिकाओं तक पहुँचाती हैं और कार्बन डाइऑक्साइड वापस लाती हैं। { श्वेत रक्त कोशिकाएं- इन्हें ल्यूकोसाइट्स भी कहते हैं। ये शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं और संक्रमणों, बैक्टीरिया और वायरस से लड़कर बीमारियों से बचाती हैं। { प्लेटलेट्स- इन्हें थ्रोम्बोसाइट्स भी कहते हैं। ये छोटी कोशिका के टुकड़े होते हैं जो रक्त का थक्का जमाने (रक्तस्राव रोकने) में मदद करते हैं। प्रतिदिन औसत 15 यूनिट ब्लड की खपत मेडिकल कालेज अस्पताल में पूरे संभाग से मरीज आते हैं। ऑपरेशन भी हर दिन होते हैं। इससे इमरजेंसी में औसत यहां प्रतिदिन 15 यूनिट ब्लड की खपत होती है। पहले ब्लड कंपोनेट यूनिट नहीं होने से आरबीसी की जरूरत होने पर पूरा ब्लड ही चढ़ाया जाता था, लेकिन अब ऐसी स्थिति में ब्लड सभी घटक अलग कर दिए जाएंगे और आरबीसी की जरूरत पर सिर्फ यही मरीज को चढ़ाया जाएगा। बाकी के घटक दूसरे मरीजों के काम आएंगे।

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