भास्कर न्यूज | अंबिकापुर ग्राम असकला में पांचवें पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय किसान दिवस एवं नशा मुक्त जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन ब्रह्माकुमारी विद्या अंबिकापुर के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों के उत्थान के लिए भौतिक प्रगति के साथ आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाने का संदेश देना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, जनपद सदस्य हलीम फिरदौसी, आर्ट ऑफ लिविंग के संचालक अजय तिवारी, सरपंच लखेश्वर पैकरा, उप सरपंच चोलेश्वर यादव, समाजसेवी मंगल पांडे, ब्रह्माकुमारी अहिल्या एवं सरगुजा संभाग की ब्रह्माकुमारी संचालिका बीके विद्या द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई। देवनारायण यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि 25 वर्ष से कम आयु के युवा नशे की गिरफ्त में अधिक हैं। नशा मुक्ति के लिए युवाओं के साथ महिलाओं और बहनों का जागरूक होना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पहले स्वयं में सुधार होगा, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। ब्रह्माकुमारी बीके विद्या ने किसानों को अन्नदाता बताते हुए कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है और गांव ही पूरे देश का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारे विचारों को ग्रहण करती है, सकारात्मक विचारों के साथ बोया गया बीज कई गुना फल देता है, जबकि नकारात्मक भावनाएं और नशे का सेवन पूरे वातावरण को दूषित कर रहा है। भौतिकता के साथ आध्यात्मिकता अपनाकर ही सच्चे रामराज्य की स्थापना संभव है। उन्होंने ध्यान और मेडिटेशन के माध्यम से शांति का संदेश दिया।हलीम फिरदौसी ने लुण्ड्रा क्षेत्र में बढ़ते नशे पर चिंता जताते हुए बेरोजगारी को इसका मुख्य कारण बताया और किसानों से रासायनिक खाद व नशे दोनों से बचने की अपील की। अजय तिवारी ने सेवा, अच्छे कर्म और उन्नत कृषि को सकारात्मक नशा बताया। पूर्व सरपंच राजेश्वर पैकरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नशे से बाहर निकलकर आध्यात्मिक मार्ग अपनाने से जीवन में बदलाव आता है। कार्यक्रम में बीके रेखा द्वारा नशा मुक्ति पर गीत प्रस्तुत किया गया तथा बीके खिलानंद ने नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।इस अवसर पर नशा मुक्त एवं प्रगतिशील किसानों को गोल्डन पट्टा, स्लोगन और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन बीके ममता ने किया।


