पर्यावरण सुरक्षा:अरावली में 2024 से सवा सौ खानों की टेंडरिंग, अब इनमें भी खनन नहीं

केंद्र की ओर से अरावली में नई लीज जारी करने पर रोक का असर राजस्थान से जुड़ी सवा सौ से अधिक उन खानों पर होगा, जिनकी टेंडरिंग खान विभाग कर चुका है और कागजों में ग्रांटिंग का प्रोसेस शेष है। सुप्रीम कोर्ट में ये मामला उठने के बाद खान विभाग ने 24 मई 2024 के बाद अरावली क्षेत्र में 100 मीटर से कम ऊंचाई की पहाड़ी पर टेंडरिंग की थी, लेकिन एलओआई समेत खनन संबंधित शेष प्रोसेस को पूरा नहीं किया था। हाल ही में 50 खानों का टेंडर किया गया था। विवाद के बीच खान विभाग इस टेंडरिंग प्रोसेस को रोक सकता था। विभाग ने हाईकोर्ट में हलफनामा दिया था कि विभाग ने नियमों के तहत टेंडरिंग की है। केंद्र के दिशा-निर्देशों के बाद इन खानों की टेंडरिंग पर असर तय है। खान विभाग ने 126 खानों के टेंडर किए थे। इनमें 50 खदानें अरावली रेंज के दायरे में थीं। भास्कर एक्सपर्ट- संदीप सिंह, माइनिंग एक्सपर्ट विभाग को नोटिफिकेशन का इंतजार करना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों में कहा था कि पर्यावरण मंत्रालय व अन्य एजेंसियां माइनिंग प्लान तैयार करें। इसके बाद नई लीजों पर काम करना है। विभाग को अरावली से जुड़ी नई लीजों पर काम कराने से पहले नोटिफिकेशन का इंतजार करना चाहिए था। किन जगहों पर अलॉट की गई अलवर: 20 कोटपूतली बहरोड़: 7 खेरथल तिजारा: 2 जयपुर: 6 राजसमंद: 2 झुंझुनूं: 1 सिरोही: 5 भीलवाड़ा: 6 दौसा: 1 लीज नोट: ये अरावली रेंज के निकट 100 मी. से कम ऊंचाई की पहाड़ियां हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *