अरावली पर्वतमाला को लेकर सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के हालिया आदेशों ने शेखावाटी की राजनीति और छात्र संगठनों में हलचल तेज कर दी है। इन आदेशों के विरोध में बुधवार रात झुंझुनूं की सड़कों पर युवा उतरे। छात्र संगठन एसएफआई (SFI) और नौजवान सभा (DYFI) के संयुक्त तत्वावधान में मशाल और कैंडल मार्च निकालकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। DYFI के जिला अध्यक्ष पंकज गुर्जर ने कहा कि नए आदेशों से अरावली बेल्ट में रहने वाले लोगों के अधिकारों पर चोट पहुंचेगी। डीवाईएफआई नेताओं का दावा है कि ये आदेश पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील अरावली के लिए घातक साबित होंगे। योगेश कटारिया के अनुसार, आदेशों का सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी की आजीविका पर पड़ेगा। कैंडल मार्च शिक्षक भवन से शुरू हुआ, जो शहर के मुख्य बाजारों से होता हुआ शहीद भगत सिंह सर्किल पहुंचा। एसएफआई जिला अध्यक्ष आशीष पचार और डीवाईएफआई जिला अध्यक्ष पंकज गुर्जर ने मार्च की अगुवाई की। सर्किल पर युवाओं ने नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार से इन आदेशों पर पुनर्विचार करने की मांग की। तौफिक खोखर, तहसील अध्यक्ष (DYFI) ने कहा ये आदेश सीधे तौर पर पर्यावरण विरोधी हैं। हम अरावली के अस्तित्व और स्थानीय लोगों के हक के लिए चुप नहीं बैठेंगे। विरोध की यह चिंगारी अब बड़े आंदोलन का रूप लेगी। प्रदर्शन में छात्र और युवा नेताओं की भारी मौजूदगी रही। मुख्य रूप से जिला महासचिव योगेश कटारिया, जिला उपाध्यक्ष साहिल कुरैशी, राहुल सैनी, साहिल खान, सिकंदर पहाड़ियां, आशीष गुडेसर, अजाज अहमद, जुनेद कुरैशी, उस्मान खान, निजात चौधरी, तालीब, साबिर हीरा, मनोज बदलवास और आदिल कायमखानी सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए।


