जिस मार्जिन से ​MLA जीते उससे ज्यादा नाम कट रहे:SIR में नाम कटने के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता, मेपिंग नहीं कराने पर कटिंग वाला नंबर बढ़ेगा

पिछले दो विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों के चुनाव जीत का जो मार्जिन था, उससे ज्यादा नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में कटे है। इस आंकड़े को देखकर चुनाव में आंकड़ों को समझने और समझाने वाले पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ता भी चक्कर में पड़ गए है। अब यह गणित समझने का प्रयास किया जा रहा है कि इतने नाम कटने का असर अगले चुनाव में क्या होगा। उदयपुर जिले की सात विधानसभा सीटों पर 2018 और 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-कांग्रेस को मिले वोटों और जीतने वाले उम्मीदवार के मार्जिन को देखा जाए तो जो जीत का अंतर था, उससे कई ज्यादा वोट कट गए है। उदयपुर जिले में एसआईआर में 1 लाख 95 हजार 748 मतदाताओं के नाम कटने वाली सूची में है। अब कुछ विधानसभा के आंकड़ों से समझे अभी तो 27 हजार ऐसे मतदाता जिन्होंने मेपिंग नहीं कराई
उदयपुर जिले में करीब 27,621 ऐसे मतदाता है जिनकी मैपिंग नहीं हुई है। मतलब की उन्होंने एसआईआर में प्रक्रिया तो करवा दी, लेकिन उन्होंने (2002 में उनके परिवार के सदस्यों का नाम किस केंद्र पर था) उसकी जानकारी अपडेट नहीं कराई या तय दस्तावेज नहीं दिए। अगर ये मतदाता मेपिंग नहीं कराते है तो उदयपुर में कटने वाले मतदाताओं के नामों का आंकड़ा और बढ़ जाएगा। भाजपा-कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले कटे नामों पर काम कर रही टीमें भाजपा उदयपुर शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि कटे हुए नामों को लेकर पार्टी पूरी तरह से वर्किंग कर रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आज ही एक बेठक भी रखी हे जिसमें पार्टी के बूथ स्तर पर किस तरह से कटे नामों को जुड़ाने पर काम हो इसके लिए पूरी तैयारी की जाएगी और समय पर नाम जुड़ाने के लिए कार्यकर्ता लग जाए। कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने बताया कि सभी बूथों पर हमने सबको निर्देश दे दिए है और हमारी टीम ने काम भी शुरू कर दिया है। सबसे पहले तो बूथ स्तर पर मीटिंगें हो रही है और उसमें कटे नामों को लेकर चर्चा की जा रही है। इसके साथ ही नाम जुड़ाने के लिए कार्यकर्ता लगे हुए है। मै खुद भी टीम के साथ काम कर रहा हूं। उदयपुर जिले में कितने लोगों के नाम कटे… उदयपुर में ड्राफ्ट सूची में इतने मतदाता है

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