भास्कर न्यूज | राजनांदगांव शहर में तीन साल बाद सड़कों का डामरीकरण शुरू हो सका है। लेकिन अब डामरीकरण कार्य में गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही है। ठेकेदारों पर डामरीकरण में खानापूर्ति करने का आरोप लग रहा है। अलग-अलग हिस्से से ऐसी शिकायतें सामने आई है। इसके बाद निगम प्रशासन ने जांच भी शुरू कर दी है। बता दें कि शहर में 42 सड़कों का डामरीकरण होना है। इसके लिए 10 करोड़ रुपए प्रशासन ने स्वीकृत किए हैं। लंबे इंतजार के बाद सड़कों का डामरीकरण शुरू हुआ है। लेकिन इसमें कमजोर लेयर बिछाने जैसी शिकायत सामने आ रही है। वहीं इस्तेमाल किए जा रहे डामर की क्वालिटी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। डबल कोट के बाद भी डामरीकरण से सड़क मजबूत नहीं दिख रही है। ऐसी स्थिति में सड़कें पहली ही बारिश में धुलने लगती है। ऐसी शिकायतों के बाद निगम प्रशासन ने डामरीकरण की सख्त मानिटरिंग करने का दावा किया है। निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी न हो, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। तकनीकी टीम के अफसरों को इसके लिए लगाया जा रहा है। किसी भी हिस्से में शिकायतें आएंगी, तो उसमें तत्काल ठेकेदार से सुधार कराया जाएगा। पतले लेयर, खराब मटेरियल के इस्तेमाल की शिकायत सड़क डामरीकरण के लिए दौरान मापदंड की तुलना में काफी पतला लेयर बिछाने की शिकायत सामने आ रही है। डामरीकरण के दौरान सड़क पर दोनों कोट में निर्धारित से पतला लेयर बिछाया जा रहा है। इस मनमानी से सड़क की क्वालिटी खराब हो रही है। ऐसी ही शिकायतें अलग-अलग हिस्से में सामने आई है। निगम प्रशासन की टीम ने जांच शुरू की है। चुनाव से पहले ही इन कामों को पूरा करने का लक्ष्य रखा नगरीय निकाय चुनाव के ठीक पहले सड़कों का डामरीकरण शुरू किया गया है। निगम चुनाव की तारीखों से पहले ही इन कामों को पूरा करने का लक्ष्य भी रखा गया है। इसी तेजी से दिन और रात अलग-अलग हिस्से में डामरीकरण के कार्य ने रफ्तार पकड़ा है। चुनाव के पहले शहर की सभी प्रमुख सड़कों को नए सिरे से दुरुस्त करने की तैयारी की गई है। इधर वार्डों की सड़कों में पैचवर्क के लिए भी टेंडर किया गया है। करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से पैचवर्क किया जा रहा है। सामने निकाय चुनाव है। मौजूदा पार्षद बार-बार निगम के अफसरों से काम में तेजी लाने की मांग कर रहे हैं।


