छतरपुर जिला जेल में कैदियों से अवैध वसूली का वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है। वायरल वीडियो में कैदियों को सामान पहुंचाने और सुविधाएं दिलाने के नाम पर पैसे वसूले जाने के आरोप लगे हैं। मामले को गंभीर मानते हुए सतना सेंट्रल जेल अधीक्षक ने जिला जेल में पदस्थ जेल प्रहरी पुष्पा अहिरवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर जेल प्रहरी पुष्पा अहिरवार और पीड़ितों के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। इसमें जेल कैंटीन से सामान पहुंचाने, अंदर सुविधाएं दिलाने और परेशानियों से निजात दिलाने के बदले अलग-अलग दरें तय होने की चर्चा की जा रही है। परिजनों से भी वसूली का दावा वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि जेल में बंद कैदियों के परिजनों से सामान अंदर भिजवाने के नाम पर मनमाने पैसे वसूले जाते थे। इस खुलासे के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। 10 साल से जिला जेल में तैनात थीं प्रहरी जेल प्रशासन के अनुसार पुष्पा अहिरवार पिछले करीब 10 वर्षों से छतरपुर जिला जेल में पदस्थ थीं। वीडियो सामने आने के बाद मामले की प्राथमिक जांच की गई, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई। जेलर के संरक्षण का भी आरोप वायरल वीडियो में आरोप लगाया गया है कि जेल प्रहरी पुष्पा अहिरवार को जेलर दिलीप सिंह जाटव का खुला संरक्षण प्राप्त था और उनकी मिलीभगत से वैध-अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी की जा रही है। जेल प्रशासन का कहना है कि वायरल वीडियो की गहन जांच की जाएगी। जांच में यदि अन्य कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।


