बठिंडा एम्स बना पहला सरकारी INI:लैब-रेडियोलॉजी सेवाओं के लिए NABL मान्यता मिली, मरीजों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

बठिंडा एम्स ने अपनी लैब और रेडियोलॉजिकल सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित NABL (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) मान्यता प्राप्त कर ली है। यह उपलब्धि एम्स बठिंडा को देश का पहला राष्ट्रीय महत्व का संस्थान (INI) और सरकारी संस्थान बनाती है, जिसने यह मान्यता हासिल की है। यह रोगी सुरक्षा, निदान की शुद्धता और उच्च गुणवत्ता मानकों के पालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्थान ने जैव-रसायन (बायोकेमिस्ट्री), सूक्ष्मजीव विज्ञान (माइक्रोबायोलॉजी), रोगविज्ञान (पैथोलॉजी) और रेडियोलॉजी- इन 4 प्रमुख लैब एवं परीक्षण क्षेत्रों में यह मान्यता प्राप्त की है। यह संस्थान की व्यापक और सुदृढ़ निदान सेवाओं को दर्शाता है। NABL मान्यता यह प्रमाणित करती है कि संस्थान राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन करता है। नैदानिक ​​सेवाओं में सटीकता और सुरक्षा सुनिश्चित इस मान्यता के तहत, रक्त जांच, बायोप्सी, संक्रामक रोग परीक्षण, सीटी (CT) स्कैन, एमआरआई (MRI) और अन्य सभी नैदानिक प्रक्रियाएं अत्यधिक सटीकता, सुरक्षा और विश्वसनीयता के साथ की जाती हैं। यह मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करता है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) रतन गुप्ता के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन से संभव हुई है। उनकी रणनीतिक दृष्टि, सतत समर्थन और गुणवत्ता संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता ने इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मान्यता के लिए टीम वर्क और समर्पण मान्यता प्राप्त करने की इस यात्रा में कई महीनों की गहन तैयारी शामिल थी। इसमें विस्तृत दस्तावेजीकरण, आंतरिक लेखा-परीक्षा, उपकरणों का अंशांकन एवं सत्यापन, कर्मियों की दक्षता मूल्यांकन और सभी विभागों में मानकीकृत संचालन प्रक्रियाओं का कार्यान्वयन शामिल था। संकाय सदस्यों, लैब प्रभारियों, तकनीकी कर्मचारियों और सहयोगी टीमों ने NABL के कठोर मानकों को पूरा करने में उत्कृष्ट सामूहिक कार्य और समर्पण का प्रदर्शन किया।

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