पूर्व क्रिकेट खिलाफ कपिल देव पहुंचे चित्तौड़गढ़:सांसद खेल महोत्सव में हुए शामिल, बोले – कड़ी धूप में मेहनत करने से ही जीत मिलती है

चित्तौड़गढ़ में आयोजित सांसद खेल महोत्सव का आज गुरुवार को समापन समारोह मनाया गया। इस मौके पर भारतीय क्रिकेट के पूर्व खिलाड़ी और साल 1983 में भारत को पहला विश्व कप जिताने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव चित्तौड़गढ़ पहुंचे। उनके आने से खिलाड़ियों व दर्शकों में खास उत्साह देखने को मिला। खेल महोत्सव के समापन को लेकर सुबह से ही आयोजन स्थल पर तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचने लगे थे। कपिल देव ने किसी से बातचीत नहीं की कार्यक्रम रहा सीमित कार्यक्रम के दौरान यह देखने को मिला कि कपिल देव ने किसी भी व्यक्ति या मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया। वे सीधे मंच तक पहुंचे और औपचारिक प्रोग्राम में ही शामिल रहे। इसके अलावा बच्चों से भी नहीं मिले, इससे कुछ लोगों में निराशा भी देखने को मिली, लेकिन उनके मंच पर मौजूद रहने से ही खिलाड़ियों और युवाओं में जोश बना रहा। आयोजन स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, फिर भी भीड़ ज्यादा होने के कारण कुछ अव्यवस्था की स्थिति बनी। भीड़ बढ़ने पर बाउंसरों द्वारा धक्का मुक्की की स्थिति बनी प्रोग्राम के आखिरी में कपिल देव को देखने के लिए जैसे ही लोग आगे बढ़े, वैसे ही सुरक्षा घेरा टूटने की स्थिति बनने लगी। इस दौरान बाउंसरों द्वारा लोगों को पीछे हटाने के प्रयास किए गए, जिससे धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आईं। हालांकि पूरा प्रोग्राम शांतिपूर्ण ढंग से खत्म हुआ। सांसद खेलकूद प्रतियोगिता में कई खेलों के खिलाड़ियों ने भाग लिया सांसद खेल महोत्सव के तहत जिले में कई दिनों तक खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें कब्बड्डी, क्रिकेट, वॉलीबॉल, रस्सा कस्सी जैसे लोकप्रिय खेल शामिल रहे। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों ने इन प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 56 टीमों के खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट निकाला, जिसमें कई महिलाएं ने साड़ी पहनकर शामिल हुई। इसके साथ-साथ बच्चों और किशोरों में भी खेल को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। आयोजन का मुख्य उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को मंच देना और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना रहा। सांसद सीपी जोशी ने मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर किया सम्मान समापन समारोह के दौरान सांसद सीपी जोशी ने कपिल देव का पारंपरिक मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर स्वागत और सम्मान किया। यह मेवाड़ की संस्कृति और सम्मान की परंपरा का प्रतीक रहा। मंच पर मौजूद लोगों ने तालियों के साथ इस सम्मान का स्वागत किया। कपिल देव ने भी इस सम्मान को स्वीकार करते हुए आयोजकों और खिलाड़ियों के प्रति आभार जताया। धूप में बैठे बच्चों के लिए कपिल देव ने जताया अफसोस अपने संबोधन में कपिल देव ने आयोजन स्थल पर धूप में बैठे बच्चों और खिलाड़ियों को लेकर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जो बच्चे पूरे दिन धूप में बैठे रहे, उसके लिए उन्हें दुख है और वे इसके लिए माफी चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे खुद भी कभी ऐसे हालात में बैठते थे इसलिए जानते हैं कि लंबे समय तक धूप में बैठना कितना कठिन होता है। कपिल देव ने मेहनत और संघर्ष को बताया सफलता की कुंजी कपिल देव ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि धूप में बैठना भी एक तरह की कड़ी मेहनत है और यही मेहनत इंसान को आगे लेकर जाती है। जितने भी स्टूडेंट्स, बच्चे यहां मजा लेने आए है, मजा इसलिए कहूंगा क्योंकि खेल को मजे के साथ खेलना चाहिए, क्योंकि जब खेल में आनंद होता है, तभी जीत भी मिलती है। उन्होंने प्रधानमंत्री के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि खून-पसीने की कमाई और मेहनत से मिली सफलता का आनंद ही अलग होता है। हर खिलाड़ी चैंपियन नहीं बनता लेकिन मेहनत व्यर्थ नहीं जाती कपिल देव ने साफ शब्दों में कहा कि यह जरूरी नहीं कि हर खिलाड़ी चैंपियन ही बने। यकीनन सभी चैंपियन नहीं बन पाते, लेकिन जो खिलाड़ी चैंपियन नहीं बनते, वही अपनी अगली पीढ़ी को चैंपियन बनने के लिए तैयार करते हैं। इसलिए दिल से, लगन से और ईमानदारी से मेहनत करते रहना चाहिए। मेहनत खिलाड़ी के हाथ में होती है, लेकिन परिणाम हमेशा उसके हाथ में नहीं होते। आज सरकार दे रही सुविधाएं पहले के समय में उपलब्ध नहीं थीं उन्होंने कहा कि आज की सरकार खिलाड़ियों को कई तरह की सुविधाएं दे रही है। जब वे खुद खेलते थे, तब इतनी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। आज कोच, संसाधन और सहयोग देने वाले लोग खिलाड़ियों के साथ खड़े हैं। सरकार और समाज बस यही चाहता है कि खिलाड़ी मेहनत करें और आगे बढ़ें। सुविधाओं का सही उपयोग करके खिलाड़ी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। नई पीढ़ी बेहतर बने तभी देश की तरक्की संभव है कपिल देव ने कहा कि उनकी और उनके जैसे खिलाड़ियों की यही इच्छा है कि आने वाली नई पीढ़ी उनसे कई गुना बेहतर प्रदर्शन करे। अगर नई पीढ़ी आगे बढ़ेगी, तभी देश की तरक्की संभव होगी। खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, संघर्ष और आत्मविश्वास सिखाने का जरिया है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समापन समारोह में जनप्रतिनिधि अधिकारी और कई लोग मौजूद इस अवसर पर निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर, बेगूं विधायक सुरेश धाकड़, रणधीर सिंह भिंडर, जिला कलेक्टर आलोक रंजन, बीजेपी जिलाध्यक्ष रतन गाडरी, उपाध्यक्ष सीपी नामधारणी, एसपी मनीष त्रिपाठी, हर्ष वर्धन रुद, अनिल सिसोदिया, राजन माली, रघु शर्मा, सुरेश झवर, श्रवण सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम का समापन खेल भावना और उत्साह के साथ किया गया।

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