विधायक निधि में भ्रष्टाचार मामले को लेकर आज सीकर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य मदन राठौड़ ने बयान दिया है। मदन राठौड़ ने कहा कि जब रिश्वत लेते BTP के विधायक जयकृष्ण पटेल पर तुरंत कार्रवाई होती तो आज विधायकों के स्टिंग का नाटक नहीं होता। भले ही स्टिंग में पैसों का लेनदेन नहीं हुआ लेकिन स्वीकारोक्ति भी ठीक बात नहीं है। दरअसल मदन राठौड़ आज सीकर के जिला खेल स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पहुंचे थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राजनीति में सूचीता बहुत जरूरी है,आदर्श व्यवहार जरूरी है क्योंकि जनता अपेक्षा करती है। जब वह जनप्रतिनिधि को चुनकर भेजती है तो जनता उससे यह भी उम्मीद करती है कि वह स्वच्छ शासन देगा। BTP पार्टी के बागीदौरा से विधायक जयकृष्ण पटेल ने गलत काम किया था। उसी टाइम उसकी सजा मिलनी चाहिए थी। उसने जो प्रश्न लगाए वह बहुत सोच समझकर लगाए,उसने खनन उद्यमी के खिलाफ प्रश्न लगाए। प्रश्न हटाने के बदले करोड़ों रुपए भी मांगे। लाखों रुपए का लेनदेन भी हुआ। उसी समय यदि कार्रवाई हो जाती तो यह नाटक देखने को नहीं मिलता। यह एक नाटक था जिसमें स्टिंग ऑपरेशन था। एक मीडिया संस्थान के द्वारा स्टिंग किया गया उसमें भी स्वीकारोक्ति अच्छी बात नहीं है, यह गलत बात है। पैसे का लेनदेन भले ही नहीं हुआ हो। लेकिन स्वीकारोक्ति भी ठीक बात नहीं है। हमने भी उन विधायकों से जवाब मांगा है और वह जवाब अनुशासन समिति को दिया है। अनुशासन समिति जो भी निर्णय करेगी उसकी हम पालना करेंगे। मदन राठौड़ ने कहा कि हमारी सरकार ने ऐसा कोई भी काम नहीं किया है जिससे अरावली को कोई हानि हो। अरावली हिंदुस्तान की जीवन रेखा है। अरावली के अंदर से रास्ता निकालना भी मुश्किल होता है। एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए यदि रास्ता चाहिए तो अरावली में से रास्ता मिलना बहुत कठिन है। खनन की परमिशन देने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। हमारी सरकार ने क्लियर कर दिया कि अरावली में 1 इंच भी खनन की अनुमति नहीं मिलेगी। 100 मीटर का जो आदेश था वह भी गहलोत साहब ने 2002 में राजस्थान के मुख्यमंत्री रहते हुए और उनके पूरे मंत्रिमंडल ने यह प्रस्ताव लिखकर केंद्र और सुप्रीम कोर्ट को भेज दिया था अब वह किस मुंह से बात कर रहे हैं। पाप तो उनके हैं, हम पर क्यों आरोप लगाते हैं। मुख्यमंत्री के सीकर कार्यक्रम में BJP जिला अध्यक्ष मनोज बाटड़ को तवज्जो नहीं मिलने की बात पर मदन राठौड़ ने कहा कि राजनीति में युवाओं का हाथ जोड़ना विनम्रता का संदेश देता है। राजनेता चाहे कोई भी हो और वह यह सोचे कि मैं इठलाऊं,पद पालूं। वह इसके लिए नहीं बल्कि सेवा करने के लिए है। प्रदेश अध्यक्ष होने के साथ ही राज्यसभा का सदस्य हूं। आज जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ के एक फोन पर यहां भागकर आया हूं। इनके कहने पर काम होते हैं। कई बार मुझे और किसी को भी तवज्जो नहीं मिलता तो इसमें क्या बात हुई। मदन राठौड़ ने कहा कि यदि युवा केवल पढ़ाई और पढ़ाई में रहेगा तो उसमें सहनशीलता नहीं रहेगी। खेलने से उसमें सहनशीलता आएगी। क्योंकि यदि वह हार जाता है तो भी वह निराश नहीं होगा और सहन कर लेगा। इसलिए खेल आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राठौड़ ने कहा कि आजाद शत्रु अटल बिहारी वाजपेयी जी का आज जन्मदिन है। अटल जी ने देश को बहुत आगे बढ़ने का काम किया। देश को संपन्न बनाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पोकरण परमाणु परीक्षण हो या गांव में सुविधाएं विकसित करना,महानगरों को सड़कों से जोड़ना सभी इन्हीं की देन है। वह आजाद शत्रु इसलिए कहलाए गए क्योंकि राजनीति में नीतिगत विरोध संभव है लेकिन दुश्मनी नहीं होनी चाहिए। ऐसा संदेश देने का काम अटल जी ने किया। मेरे खुद के अटल जी से बहुत निकट संबंध रहे। एक बार पाली के रेलवे प्लेटफार्म पर जाने के बाद हमारे वरिष्ठ कार्यकर्ता ने अटल जी से पूछा कि भोजन किया या नहीं। तब अटल जी ने कहा कि आपने पूछा ही नहीं। इसके बाद मैं खुद स्कूटर से घर गया और फिर उनके लिए टिफिन लेकर आया।


