मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भिंड दौरे के दौरान एक अजीब स्थिति बन गई। बुधवार को रावतपुरा सरकार धाम में सीएम के सामने ही भाजपा कार्यकर्ताओं और किसानों ने बिजली कंपनी की महिला उप महाप्रबंधक (DGM) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सीएम जैसे ही हेलीपैड से आगे बढ़े, वहां मौजूद भीड़ ने स्वागत करने के बजाय ‘DGM हटाओ’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। करीब आधे घंटे तक सीएम के सामने ही अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी होती रही। इस दौरान सीएम के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और लहार विधायक अम्बरीश शर्मा भी मौजूद थे। अपनी ही सरकार में अफसरों के खिलाफ यह गुस्सा देखकर वहां खड़े प्रशासनिक अधिकारियों के चेहरे उतर गए। हालांकि, सीएम ने मुस्कुराकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और ज्ञापन लेकर आगे बढ़ गए। नए कनेक्शन को अवैध बताकर थमा रहे बिल नाराज किसानों और कार्यकर्ताओं ने सीएम को फर्जी बिजली बिलों की कॉपियां भी सौंपीं। नरोल, धर्मपुरा, लहार और मिहोना समेत कई गांवों से आए किसानों का आरोप है कि बिजली कंपनी के अधिकारी अपना टारगेट पूरा करने के लिए फर्जी कार्रवाई कर रहे हैं। खेतों में दिए गए नए कनेक्शनों को दो-तीन महीने बाद ही अवैध बताकर भारी-भरकम बिल और जुर्माना थोपा जा रहा है। विधायक से लेकर भोपाल तक शिकायत, कार्रवाई नहीं हुई हंगामे की वजह बिजली कंपनी की उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी की कार्यशैली को बताया जा रहा है। लहार विधायक अम्बरीश शर्मा के पास हर हफ्ते 4 से 5 शिकायतें पहुंच रही थीं। मामला भोपाल स्थित एमडी कार्यालय तक भी पहुंचा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सीधे मुख्यमंत्री के सामने फूट पड़ा।


