पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस को सुशासन दिवस के रूप में कोंडागांव के ग्राम बड़े कनेरा में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य अटल जी के विचारों, आदर्शों और सुशासन की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाना था। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ के उपाध्यक्ष दीपेश अरोरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी दयाराम पटेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विशेष अतिथियों में सरपंच प्रकाश चूरगया, निर्माण समिति के सभापति गणेश मानिकपुरी, जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान, जिला मिशन समन्वयक ईमल सिंह बघेल, एपीसी श्रीनिवास नायडू, सहदेव मरकाम और संतोष धनेलिया शामिल थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और शिक्षक भी मौजूद रहे। दीपेश अरोरा ने वाजपेयी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला मुख्य अतिथि दीपेश अरोरा ने अपने संबोधन में अटल बिहारी वाजपेयी के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अटल जी एक कुशल प्रशासक, कवि, वक्ता और सच्चे राष्ट्रभक्त थे। अरोरा ने बताया कि अटल जी ने सुशासन को केवल एक नीति नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम बनाया। उनका नेतृत्व आज भी देश के लिए प्रेरणास्रोत है। अटल जी के नेतृत्व में भारत बना परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने अपने वक्तव्य में बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी चार अलग-अलग स्थानों से सांसद रहे और तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। उनके कार्यकाल में पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाया गया, जिससे देश की सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा मजबूत हुई। उन्होंने शिक्षा, सड़क, संचार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अटल जी के योगदान को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम के दौरान अटल जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विभिन्न वक्ताओं ने सुशासन दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पारदर्शी, जवाबदेह और जनकल्याणकारी शासन की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का समापन जिला मिशन समन्वयक ईमल सिंह बघेल द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। यह आयोजन शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।


