मकर संक्राति के अवसर पर गांधी स्टेडियम में सरगुजा सेवाा समिति द्वारा पतंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में इंडोनेशिया, दुबई और मालट द्वीप की पतंगें आकर्षण का केन्द्र रहीं। विदेशी पतंगों को अंबिकापुर के आसमान में कलाबाजी खाते देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। स्थानीय युवाओं ने भी पतंगबाजी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और पतंग उड़ाने का हुनर दिखाया। गांधी स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में अंबिकापुर के रहने वाले मुकेश अग्रवाल की विदेशी पतंगें आकर्षण का केंद्र रहीं। मुकेश अग्रवाल के द्वारा इंडोनेशिया के बाज आकार की पतंग और दुबई की आक्टोपस, गेजो माल्टा द्वीप की ड्रेगन आकार की पतंग के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए। सौ से अधिक पतंगों का कलेक्शन
मुकेश अग्रवाल ने बताया उन्हें बचपन से ही पतंग उड़ाने का शौक रहा है। उनके पास देसी एवं विदेशों के सौ से अधिक पतंगों का कलेक्शन है। वे पतंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं। 19 अक्टूबर 2024 को गेजो माल्टा द्वीप में आयोजित इंटरनेशनल पतंग फेस्टिवल में मुकेश अग्रवाल ने भाग लिया था। बच्चों-युवाओं ने दिखाया हुनर
पतंग प्रतियोगिता में अंबिकापुर के बच्चों-युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और अपना हुनर दिखाया। प्रतियोगिता के लिए दोपहर तक 84 एंट्री मिली थी, जो शाम तक बढ़ जाएगी। सरगुजा सेवा समिति द्वारा विजेता प्रतियोगियों को नगद पुरस्कार भी दिया जाएगा। पतंग प्रतियोगिता देखने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक गांधी स्टेडियम पहुंचे थे। लुप्त हो रही परंपरा को बचाने की जरूरत
सरगुजा सेवा समिति की अध्यक्ष रजनी रविशंकर त्रिपाठी ने कहा कि पतंगबाजी की परंपरा अब लुप्त हो रही है। इसे बचाए रखने के लिए हर साल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। बच्चे प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए उत्साहित होते हैं। प्रतियोगिता से बच्चों की छिपी प्रतिभा सामने आती है।


