बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानन्द व्यास ने मूंगफली खरीद में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। मूंगफली खरीद में सिर्फ रुपए देने वाले किसानों को शामिल किया जा रहा है और रुपए नहीं देने वाले किसानों को दूर रखा जा रहा है। इन आरोपों के साथ व्यास इतने आक्रोशित नजर आए कि मौके पर खड़े अधिकारियों तक को कह दिया कि आप सभी मिले हुए हो। अधिकारियों ने व्यास के आरोपों को निराधार बताया। दरअसल, बीकानेर में इन दिनों मूंगफली की समर्थन मूल्य पर खरीद हो रही है। बीकानेर तहसील क्रय विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड के लिए हो रही खरीद के दौरान व्यास मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमाकांत व्यास के समक्ष नाराजगी जाहिर की। विधायक ने कहा कि आप सभी मिले हुए हो। जो लोग रुपए दे रहे हैं, सिर्फ उनकी मूंगफली की खरीद हो रही है। इस पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। अधिकारी ने सफाई दी तो व्यास ने अनसुना कर दिया और धरने पर बैठने की चेतावनी दे डाली। इस दौरान कई भाजपा नेता भी विधायक के साथ थे। दरअसल, बीकानेर और कोलायत में मूंगफली खरीद की जिम्मेदारी एक ही अधिकारी के पास है। मौके पर खड़े होकर किसानों को टोकन के हिसाब से मूंगफली तुलवाई करवाई जा रही है। खरीदी हुई मूंगफली को उठाने और वेयर हाउस तक भेजने के लिए प्राइवेट फर्म को कांट्रेक्ट दिया हुआ है। इसी फर्म पर रुपयों के लेनदेन का आरोप लग रहा है। न सिर्फ बीकानेर और कोलायत बल्कि श्रीडूंगरगढ़ सहित सभी क्षेत्रों में ऐसे आरोप लगे हैं। फर्मों को कांट्रेक्ट देने से पहले भी काफी विवाद हुआ था। तब जिन ब्लेक लिस्टेड कंपनियों को ठेका देने का सवाल उठा था। मौके पर खड़े किसान बिफरे इस दौरान भाजपा विधायक ने मौके पर खड़े कई किसानों से वीडियो बयान करवाए कि भ्रष्टाचार हो रहा है। एक किसान ने कहा कि राजू नाम के व्यक्ति ने उससे साढ़े आठ हजार रुपए लिए हैं, फिर भी मूंगफली की तुलवाई नहीं करवाई। वहीं दूसरे किसान ने कहा कि उससे 21 हजार रुपए की डिमांड की गई।


