सुशासन दिवस के अवसर पर गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशभर के अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘पारदर्शिता और जवाबदेही’ की शपथ दिलाई। यह शपथ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित समारोह में दिलाई गई, जिसका उद्देश्य प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-सुलभ बनाना है। इसी क्रम में डीग जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट परिसर में एक समारोह का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट उत्सव कौशल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-सुलभ बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। समारोह के दौरान उपस्थित सभी कार्मिकों ने एक स्वर में प्रतिज्ञा ली कि वे प्रदेश की प्रगति और जनहित के कार्यों को पूर्ण पारदर्शिता, उच्च नैतिक मानदंडों और सत्यनिष्ठा के साथ पूरा करेंगे। समारोह की शुरुआत में जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने पूर्व प्रधानमंत्री के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। अधिकारियों और कार्मिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल नियमों का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रशासन की कार्यप्रणाली से आम नागरिक को संतुष्टि मिले। कौशल ने जोर देकर कहा कि हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि कार्यालय में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपनी समस्या का समाधान पाकर लौटे। उन्होंने तकनीक के इस युग में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए कार्यों में तेजी और पारदर्शिता लाने पर भी बल दिया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) राजकुमार कस्वां ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रशासनिक दक्षता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि एक लोक सेवक के रूप में हमारा दायित्व है कि हम लंबित प्रकरणों को न्यूनतम स्तर पर लाएं। एडीएम कस्वां ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक है जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को समय पर और सुगमता से न्याय मिले। उन्होंने सभी कार्मिकों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक दायित्वों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी और मानवीय दृष्टिकोण के साथ करें। ये रहे मौजूद
इस अवसर पर उपखंड अधिकारी डीग मुकेश चौधरी, अधीक्षण अभियंता पीएचईडी इशू नारंग, नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।


