गृह राज्य मंत्री बेढ़म ने साधु-संतों संग किया मंथन:अधिकारियों को दो टूक, अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी

डीग में बृज भूमि की पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। गुरुवार को पंचायत समिति सभागार में गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी तथा मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म की अध्यक्षता में बृज क्षेत्र के साधु-संतों और जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान गृह राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप डीग जिले को ‘धार्मिक पर्यटन तीर्थ’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां अवैध गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं होगा। बैठक में गृह राज्य मंत्री ने जिला कलेक्टर उत्सव कौशल और पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीना की उपस्थिति में अवैध खनन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करते हुए कहा कि ‘थर्ड पार्टी चेक’ में कमी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कामां, पहाड़ी, नगर और सीकरी क्षेत्रों में तहसीलदार, एसएचओ, वन विभाग और माइनिंग इंचार्ज की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के आदेश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन की कार्रवाई के बाद औचक निरीक्षण (थर्ड पार्टी चेक) कराया जाएगा। यदि इस दौरान किसी क्षेत्र में अवैध खनन जारी पाया गया, तो संबंधित बीट कॉन्स्टेबल, पटवारी, गिरदावर, तहसीलदार और उपखंड अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साधु-संतों द्वारा लिवासना क्षेत्र में डेढ़ किलोमीटर के दायरे में अवैध खनन की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री बेढ़म ने माइनिंग विभाग को तत्काल जांच के आदेश दिए। साथ ही, उपखंड अधिकारी को इस रिपोर्ट को ‘क्रॉस चेक’ करने के निर्देश भी दिए गए। अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लिवासना सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस विभाग की चौकियां स्थापित की जाएंगी। गो-संरक्षण के संबंध में, वन विभाग के प्रस्तावित कार्यों में पशुओं के लिए विशेष ‘रेस्क्यू केंद्र’ स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस को निर्देश: “2 दिन कराएं मुनादी, फिर करें कार्रवाई” गृह राज्य मंत्री ने पुलिस विभाग को एक व्यावहारिक सुझाव देते हुए निर्देशित किया कि अगले दो दिन तक संबंधित एसएचओ क्षेत्र में मुनादी करवाएं कि अवैध खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बाद भी यदि कोई लिप्त पाया जाता है, तो उसके वाहन जब्त कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने डीएम और एसपी को साधु-संतों को साथ लेकर ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ देखने का आग्रह भी किया। ब्रज 84 कोस की परिक्रमा का केंद्र है डीग बैठक में संतों ने सुझाव दिया कि डीग जिला नंदगांव, गोवर्धन और बरसाना से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे पर्यटन मानचित्र पर तीर्थ स्थल के रूप में उभारा जाए। मंत्री श्री बेढ़म ने इस सुझाव का स्वागत करते हुए कहा कि, “आज मुझे संतों के चरणों में बैठने का सौभाग्य मिला है। हम डीग को ऐसा विकसित करेंगे कि श्रद्धालुओं को यहां अलौकिक अनुभूति हो।” उन्होंने परिवहन विभाग को सुदृढ़ करने के लिए उच्च स्तर पर बातचीत कर रिक्त पदों को भरने के संकेत भी दिए। नियमित संवाद की पहल प्रशासनिक इतिहास में एक नई पहल करते हुए निर्णय लिया गया कि अब हर माह साधु-संतों और जिला प्रशासन के बीच समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा हो सके। ये रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण बैठक में पूज्य संत रामदास, संत शिवराम दास, संत ब्रज दास, संत भूरा बाबा, संत हरिबोल दास, संत नीलमणि, संत राधा रमन दास, संत पूरन, संत गंगाराम, संत दयानिधि, संत राधा जीवन दास और संत मिहिर कुमार सहित अनेक साधु-संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। प्रशासनिक रूप से डीएफओ चेतन कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, खनन एवं राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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