पुलिस लाइन मैदान में गुरुवार को संभाग स्तरीय आरोग्य मेले का उद्घाटन किया गया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, विधायक हरलाल सहारण और जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने संयुक्त रूप से मेले का शुभारंभ किया। अतिथियों ने मेला परिसर में स्थापित आयुष तथा औषधीय उत्पादों की विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि आयुष आधारित चिकित्सा पद्धतियां भारत की प्राचीन और समृद्ध परंपरा का हिस्सा हैं, जो आज भी जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने जोर दिया कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के तेजी से बढ़ने के इस दौर में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा का महत्व और भी बढ़ गया है। ऐसे आरोग्य मेले आमजन को प्राकृतिक चिकित्सा, संतुलित जीवनशैली और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं। विधायक हरलाल सहारण ने अपने संबोधन में कहा कि योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह आरोग्य मेला आमजन को कम लागत में प्रभावी एवं सुरक्षित उपचार प्रदान करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करेगा। जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने इस संभाग स्तरीय आरोग्य मेले को जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि आयुष पद्धतियां न केवल रोगों के उपचार में सहायक हैं, बल्कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वैद्य रामावतार शर्मा ने भी कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किए। आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ. सत्यवीर सिंह ने मेले में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श, योग प्रदर्शन, औषधीय पौधों की जानकारी, आयुष चिकित्सा पद्धतियों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन और विभिन्न औषधीय उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सहायक निदेशक डॉ. मनीष शर्मा ने मेले की व्यवस्थाओं के बारे में बताया। मेले में स्वास्थ्य जांच, परामर्श, योग प्रदर्शन, औषधीय पौधों की जानकारी और आयुष उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कमल वशिष्ठ ने किया।


